इश्क में धर्म छिपाना पड़ा भारी

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की भस्म आरती में हिंदू बनकर शामिल हुए मुस्लिम युवक कर्नाटक का मोहम्मद यूनुस मुल्ला मुंबई की रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड खुशबू यादव के साथ उज्जैन आया था। उसके पास आधार कार्ड अभिषेक दुबे के नाम का था। इसी के जरिए उसने मंदिर में एंट्री की। आरती में रीति-रिवाजों का पालन ठीक ढंग से नहीं कर पाने पर मंदिर कर्मचारियों ने उसे पकड़कर पूछताछ की। आधार कार्ड की फोटो से चेहरा नहीं मिला। पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि उसके पास मिला अभिषेक दुबे के नाम का आधार कार्ड उसके दोस्त का है।

पुलिस ने उसकी गर्लफ्रेंड के पेरेंट्स को उज्जैन बुलाया है। खुशबू ने खुद को मुंबई में फैशन डिजाइनर बताया है। उसका कहना है कि यूनुस उसका वर्कर है। बुधवार सुबह की भस्म आरती में यूनुस ने अभिषेक दुबे नाम से बुकिंग कराई थी। खुशबु ने यूनुस को अपना भाई बताकर एंट्री दिलाई थी। कर्मचारियों के पूछने पर भी युवती उसे अपना भाई ही बताती रही। जब यूनुस का असली आधार कार्ड सामने आया तो हकीकत सामने आई। पुलिस ने आरोपी पर धारा 420 में केस किया है। उसे और उसकी गर्लफ्रेंड को हिरासत में लिया गया है।

यूनुस, खुशबू के साथ महाकाल मंदिर के नजदीक होटल में भी रुका था। वहां उसने अपना असली आधार कार्ड दिखाया था और खुशबू ने अपना। होटल कर्मचारियों को लव जिहाद का मामला लगा तो पुलिस को सूचना दी। इसके बाद होटल मालिक ने दोनों को अपने यहां कमरा देने से मना कर दिया था। हालांकि, तब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

महाकाल मंदिर में यूनुस सबसे आगे की कतार में बैठा था, लेकिन उसकी हरकतों से कर्मचारियों को शक हुआ। वह हिंदू रीति-रिवाजों का पालन ठीक ढंग से नहीं कर पा रहा था। मंत्र पढ़ने में भी वह अटक रहा था। इसके बाद युवक को रोककर पूछताछ की गई। जब उसका आधार कार्ड से मिलान किया गया तो चेहरा नहीं मिल सका। सख्ती से पूछताछ की तो यूनुस ने अपनी सही आईडीदिखाई। इसमें युवक का नाम मोहम्मद यूनुस मुल्ला, निवासी कर्नाटक लिखा है। फर्जी मामला सामने आते ही कर्मचारियों ने तत्काल सूचना मंदिर की पुलिस चौकी और अधिकारियों को दी।

इस मामले में मंदिर प्रबंध समिति ने निजी सुरक्षा एजेंसी के तीन गार्डों की सेवा समाप्त कर दी है। मंदिर प्रशासक के अनुसार मंगलवार को गार्डों ने बिना रसीद वीआईपीगेट से कुछ श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया था। सीसीटीवीमें यह घटना सामने आई है। इसके बाद समिति ने तीन गार्डों की सेवा समाप्त कर दी है। प्रशासक धाकड़ के अनुसार मामले में परमिशन बनवाने वाले पुजारी गणेश नारायण शर्मा को 24 घंटे का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उनकी सेवा समाप्त की जा सकती है।

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