राजस्थान में सर्दी का असर तेज हो गया है। उत्तर भारत की चली बर्फीली हवाओं से प्रदेश के फतेहपुर, माउंट आबू में पारा माइनस में चला गया। सीकर में पाइपों में पानी जम गया और 4 शहरों में तापमान जमाव बिंदु पर पहुंच गया है। गलन भरी सर्दी से लोगों के कंपकंपी छूटने लगी है।
मौसम केन्द्र जयपुर के अनुसार आज सबसे कम तापमान सीकर के फतेहपुर में माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है ठंड का ये सितम अगले कुछ दिन बना रहेगा। राज्य के कई हिस्से शीतलहर की चपेट में आ सकते हैं।
फतेहपुर, जोबनेर, माउंट आबू में आज तेज सर्दी के कारण फसलों और छोटे पौधों की पत्तियों पर बर्फ जमी नजर आई। फतेहपुर में खुले बर्तनों में रखा पानी जम गया। जोबनेर में खेतों में फसलों की पत्तियों के अलावा उन्हें ढकने के लिए लगाई पॉलीथिन की चादर पर बर्फ जम गई। कड़ाके की इस सर्दी से लोगों के लिए सुबह-शाम घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।
राज्य में सर्दी न केवल रात में तेज है, बल्कि दिन में भी कंपकंपी छुड़ा रही है। गंगानगर, हनुमानगढ़ में दिन का अधिकतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं जा रहा। गंगानगर में दिन का पारा सामान्य से 11 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। यहां दिन में भी शीतलहर से कंपकंपी बनी हुई है। रविवार को गंगानगर में दिन का अधिकतम तापमान 10.3 और हनुमानगढ़ में 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन शहरों के अलावा धौलपुर, चूरू, पिलानी, अलवर में भी दिन का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ है।
मौसम केन्द्र के अनुसार आज राज्य के कुछ शहरों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरा है। सबसे ज्यादा गिरावट कोटा में 4.5 डिग्री सेल्सियस की हुई। इस कारण वहां आज सीजन की सबसे सर्द रात रही। इसी तरह अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, चूरू, अलवर, पिलानी, गंगानगर, जैसलमेर, बूंदी में भी आज इस सीजन का सबसे कम तापमान दर्ज हुआ है।
जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक ने बताया कि तेज ठंड की ये स्थिति 24 से 48 घंटे ऐसे ही बनी रहेगी। 28 दिसंबर के बाद मौसम में थोड़ा बदलाव आएगा और तापमान में मामूली बढ़ोतरी से लोगों को राहत मिलेगी। गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं में जो घने कोहरे की स्थिति बन रही है, उससे भी थोड़ी राहत मिलेगी और मौसम साफ होगा। जनवरी के पहले सप्ताह में 2-3 जनवरी से वापस तापमान गिरने लगेगा और शीतलहर और कड़ाके की ठंड होगी।
