क्रिप्टो करेंसी बैन, सीधे गिरफ्तारी की तैयारी

भारत में लाए जाने वाले बिल के तहत देश में क्रिप्टो को करेंसी की तरह इस्तेमाल करना प्रतिबंधित हो सकता है। प्रस्तावित कानून का उल्लंघन करने वालों को बिना वारंट के गिरफ्तार किया जा सकेगा, जिन्हें जमानत भी नहीं मिलेगी। यह जानकारी एक समाचार एजेंसी ने बिल सारांश के आधार पर दी है।

इसके अनुसार भारत सरकार किसी भी व्यक्ति द्वारा डिजिटल करेंसी को “विनिमय का माध्यम, मूल्य का भंडार और खाते की इकाई” के तौर पर माइनिंग, जेनरेटिंग, होल्डिंग, सेलिंग अथवा डीलिंग जैसी सभी गतिविधियों को सामान्यत: प्रतिबंधित करने की योजना बना रही है। इनमें से किसी भी नियम का उल्लंघन करना भी “संज्ञेय” होगा, जिसका अर्थ है कि बिना वारंट के गिरफ्तारी संभव है, और “गैर जमानती” है।

गैजेट्स 360 की एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्रालय ने बिल पर कोई टिप्पणी नहीं की है। रिपोर्ट में लिखा गया है कि क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर भारी नकेल कसने की सरकार की योजना ने बाजार में एक खलबली पैदा कर दी है और कई निवेशक अच्छा-खासा नुकसान लेकर बाहर हो चुके हैं। जबकि विज्ञापनों की बाढ़ और क्रिप्टोकरेंसी की बढ़ती कीमतों से आकर्षित होकर भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेशकों की संख्या में वृद्धि हुई है।

बिल के मसौदे को लेकर सूत्र बताते हैं कि सरकार नए निवेशकों को लुभाने वाले विज्ञापनों पर भी नकेल करने की योजना बना रही है।ऐसे सेल्फ-कस्टोडियल वॉलेट पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है, जो लोगों को एक्सचेंजों के बाहर डिजिटल करेंसी को स्टोर करने की अनुमति देते हैं।

मसौदा बिल के सारांश में कहा गया है कि सख्त नए नियम डिजिटल करेंसी के बारे में केंद्रीय बैंक की गंभीर चिंताओं से पैदा हुए हैं और इसका उद्देश्य पारंपरिक वित्तीय क्षेत्र को क्रिप्टोकरेंसी से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय करना है। मसौदे के में यह भी कहा गया है कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) क्रिप्टोकरेंसी के लिए नियामक होगा।                      (स्रोत—न्यूज 18)

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.