मोबाइल गेम के चस्के में ना​बालिग अपने भाई का हत्यारा बना

राजस्थान के नागौर जिले में 16 साल के नाबालिग को ‘पबजी’ और ‘फ्री फायर’ मोबाइल गेम की ऐसी लत लगी कि उसने अपने 12 साल के चचेरे भाई की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद लाश को जमीन में गाड़ दिया। इतना ही नहीं, असम में बैठे चचेरे भाई के अंकल को फेक इंस्टाग्राम आईडी से मैसेज कर 5 लाख रुपए की फिरौती भी मांगता रहा। सोमवार सुबह लाडनूं पुलिस ने आरोपी नाबलिग को डिटेन कर उसकी निशानदेही पर गांव के तालाब किनारे जमीन में गड़ी लाश बरामद कर ली।

बताया जा रहा है कि 8 दिसंबर को धुड़ीला गांव का प्रवीण शर्मा (12) अपनी मम्मी का मोबाइल लेकर घर से गायब हो गया था। प्रवीण के चाचा नरेश पुत्र पन्नालाल शर्मा ने अगले दिन पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि प्रवीण को पबजी और फ्री फायर खेलने की आदत थी। इस पर पुलिस ने सायबर तकनीक से प्रवीण की तलाश शुरू कर दी। वहीं, इस बीच असम में बैठे प्रवीण के अंकल को एक इंस्टाग्राम आईडी से मैसेज आया कि प्रवीण उसके पास दिल्ली में आ गया है। अगर उसे ज़िंदा चाहते हो तो 5 लाख रुपए का इंतजाम कर लो। परिजनों ने तुरंत ही इस बात की जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस ने सायबर तकनीक से जांच-पड़ताल शुरू की तो पता चला कि जिस इंस्टाग्राम आईडी से फिरौती मांगी जा रही थी, उसका आईपी एड्रेस मासूम के साथ गायब हुए मोबाइल का था। लोकेशन उसके गांव की ही आ रही थी। मोबाइल में इंटरनेट दूसरे मोबाइल के हॉटस्पॉट से चलाया जा रहा था। मामले की गहराई से जांच की तो मासूम के नाबालिग चचेरे भाई पर शक हुआ। चचेरे भाई से पूछताछ की उसने पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि वो मोबाइल में पबजी, फ्री फायर और तीन पत्ती जैसे गेम खेलता है। इनमें लगातार हुई हार से उस पर कर्ज चढ़ गया था। उसे कुछ अन्य लत भी हैं। रुपए की सख्त जरुरत थी। मृतक भी उसके साथ मोबाइल गेम खेलता था। इसके चलते उसने गांव के तालाब किनारे उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। उसका मोबाइल अपने कब्जे में लिया। लाश नाले में गिराकर ऊपर मिट्टी गिरा दी।

इसके बाद आरोपी नाबालिग ने मासूम के मोबाइल से सिम निकालकर फेंक दी। फिर इंस्टाग्राम पर एक फेक आईडी बनाई। दूसरे मोबाइल नेटवर्क से हॉटस्पॉट कनेक्ट कर असम में रहने वाले अंकल को फेक इंस्टाग्राम से मैसेज कर फिरौती मांगी।

बता दें कि पबजी, फ्री फायर जैसे ऑनलाइन गेम के अपने वॉलेट होते हैं। जिन्हें पेटीएम और कार्ड की मदद से रीचार्ज किया जाता है। वॉलेज में मौजूद पैसों की मदद से गेम में अलग-अलग लेवल खोले जाते हैं। इसी तरह ऑनलाइन तीन पत्ती खेलने के लिए भी एप में पैसे डालने पड़ते हैं। आरोपी भी इसी तरह ऑनलाइन गेम में पैसे गंवा रहा था। इसके लिए उसने अपने आसपास के लोगों और दुकानदारों से पैसे उधार ले रखे थे।

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