धोरों में बिछी बर्फ की चादर

जैसलमेर में मंगलवार को इतने ओले गिरे कि धोरों में बर्फ की चादर जम गई। ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ। जोधपुर में भी बारिश के साथ ओले गिरे। बारिश और ओले गिरने से तापमान में गिरावट आई, जिससे सर्दी का असर बढ़ गया। वहीं, कोटा में आज दिन में तेज बारिश हुई।

स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार पोकरण के गांव छाया, टोटा, अजासर और बरड़ाना में खेतों व मैदानी इलाकों में चारों तरफ ओले की सफेद चादर देखने को मिली। इससे पहले जैसलमेर, जोधपुर में सुबह से बादल छाए हुए थे और हल्की बूंदाबांदी हुई।

मौसम केन्द्र जयपुर ने अगले 48 घंटों में तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना जताई है। इसके साथ ही 3 दिन राजस्थान के उत्तरी हिस्से में घना कोहरा छा सकता है। 1 जनवरी से राजस्थान में सर्दी का असर बढ़ सकता है, क्योंकि उत्तरी भारत के राज्यों से शीतलहर चलने की संभावना है। आज हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी जीरा, ईसबगोल, रायड़ा, गेंहू व चने की फसल को नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि मावठ फसलों के लिए फायदेमंद है, लेकिन ओलावृष्टि ने सारी मेहनत को नष्ट कर दिया। खेतों में खड़ी फसल फसलों को ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है।

राजस्थान में अन्य जिलों में से उदयपुर, कोटा, जयपुर संभाग के कई जिलों में सुबह से बादल छाए रहे। कोटा सहित कई जिलों में बीती रात से रुक-रुक कर बारिश हुई। पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा उदयपुर के मावली में 50 एमएम (2 इंच) बारिश दर्ज हुई। वहीं चित्तौड़गढ़ में 28 एमएम, बूंदी में 24.5, कोटा के सांगोद में 26, बारां के शाहबाद में 26, उदयपुर के गोगुंदा 38, भीण्डर में 27, भीलवाड़ा के जहाजपुर में 11, बनेड़ा में 10, कोटा के लाडपुरा में 19, सांगोद में 26, डीगोद में 22, रामगंजमंडी में 18, कानावास में 17, राजसमंद में 19, नाथद्वारा में 16, रेलमगरा में 18, कुंभलगढ़ में 13 एमएम बारिश दर्ज की गई।

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