रीट लेवल-2 रद्द करने पर जवाब तलब

राजस्थान हाईकोर्ट ने रीट लेवल-2 को रद्द करने के सरकार के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर राज्य सरकार व अन्य से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। जस्टिस इंद्रजीत सिंह की खंडपीठ ने मुख्य सचिव, एसीएस होम, प्रमुख शासन सचिव शिक्षा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सहित रीट समन्वयक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

रविन्द्र कुमार सैनी और अन्य की ओर से दायर याचिकाओं में कहा गया है कि अभी तक मामले में जांच पूरी नहीं हुई है। कितने लोग पेपर लीक में शामिल है, यह भी साफ नहीं है। वहीं नीट-2021 सहित कई मामलों में कहा जा चुका है कि जहां लाखों लोग शामिल है, वहां पेपर रद्द नहीं किया जा सकता। पेपर लीक करने वालों को अलग किया जाना चाहिए।

नीट यूजी 2021 को रद्द किये जाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने कहा था कि कोर्ट उस परीक्षा को रद्द नहीं करेगा, जिसमें 7.5 लाख लोगों ने भाग लिया। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने याचिकाकर्ता को ‘साहसी’ करार देते हुए कहा था कि प्रतिरूपण और पेपर लीक की घटनाएं उन लाखों छात्रों के लिए नुकसानदेह नहीं हो सकती, जो परीक्षा में शामिल हुए हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को चेतावनी देते हुए कहा था कि इस तरह की याचिका दायर करने के लिए जुर्माना लगाया जा सकता है।

रीट लेवल-2 में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि चुनिंदा लोगों की वजह से परीक्षा को रद्द कर सरकार हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में डाल रही है। सरकार ने खुद स्वीकार किया है कि सिर्फ 200 से 300 लोगों के पास पेपर पहुंचा था। ऐसे में लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा को रद्द करने का सरकार का फैसला सरासर गलत है। सरकार ने केवल विपक्ष के दबाव में आकर परीक्षा रद्द करने का फैसला किया है, जिससे राजस्थान के हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में आ गया है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.