तीर्थ यात्रा में सहायक ले जा सकेंगे बुजुर्ग

राजस्थान में सितम्बर-अक्टूबर माह से प्रारंभ होने वाली वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना में अब 70 वर्ष से अधिक आयु के सामान्य व्यक्ति और 60 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगजन यात्रा के दौरान अपने साथ एक सहायक ले जा सकेंगे। ताकि बुजुर्गों की यात्रा सुविधाजनक हो।

देवस्थान मंत्री श्रीमती शकुंतला रावत गुरुवार को सचिवालय स्थित अपने कक्ष में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट घोषणा में इस योजना के लिए 13 करोड़ से बजट बढ़ाकर 30 करोड़ किया है।  यात्रियों की संख्या को भी 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए 2011 की जनसंख्या के आधार पर जिलों के लिए अनुपातिक कोटा निर्धारित किया गया है। इस यात्रा में एक दर्जन से ज्यादा तीर्थस्थलों का भ्रमण करवाया जाएगा।

बैठक में प्रदेश के वृद्धाश्रमों से भी बुजुर्गों को यात्रा में शामिल करने, पति और पत्नी में से किसी एक के आवेदन करने पर दोनों को पात्र माने जाने तथा दिव्यांग बुजुर्गों को भी सहायक के साथ यात्रा को अनुमति देने के सुझाव आए, जिनको मंत्री ने मानते हुए अधिकारियों को इन्हें शामिल करने के निर्देश दिए।

श्रीमती रावत ने कहा कि तीर्थ यात्रा के लिए जून माह से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। यात्रा में पहली बार 20 हजार यात्रियों को देशभर के तीर्थ स्थलों तक ले जाया जाएगा। इनमें से 18 हजार यात्रियों को ट्रेन व 2 हजार यात्रियों को विमान के जरिए तीर्थ स्थल का भ्रमण करवाया जाएगा। जिन व्यक्तियों की आयु 1 अप्रैल, 2022 तक 60 वर्ष पूरी हो गई है या 1 अप्रैल 1962 से पहले जिनका जन्म हुआ है, वे व्यक्ति इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाना पड़ेगा। आवेदक का जनाधार कार्ड भी बनवाना आवश्यक होगा।

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