तिरंगे लहराए, रैलियां निकलीं

देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारत में मनाए जा रहे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत आज से दो दिन पूरे देश में कार्यक्रम आयोजन की शुरूआत हो गई। ‘हर घर तिंरगा’ अभियान भी शुरू किया गया है, जो 15 अगस्त तक चलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ सभी मंत्री, सांसद, विधायकों ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत लोगों से अपने घरों में तिरंगा लगाने और फहराने की अपील की है। इस अपील के बाद लाखों लोग व्हाट्सऐप डीपी और फेसबुक प्रोफाइल फोटो पर तिरंगा लगा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने पहली बार अपने फेसबुक और ट्विटर अकाउंट पर तिरंगा लगाया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में अपने घर पर पत्नी के साथ तिरंगा फहराया। यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथों में तिरंगा लिए हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने में जुटे दिखे। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक शान से तिरंगा फहराया जा रहा है। सेना के जवान, सरकारी कर्मचारी के साथ-साथ आम लोग भी इस अभियान से जुड़ गए हैं। गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन मोदी ने बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज बांटे और तिरंगा फहराया। 

देश में तिरंगा फहराने के नियम तय हैं।  ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002’ (भारतीय ध्वज संहिता) नाम से भारत सरकार ने तिरंगा फहराने को लेकर कुछ नियम बनाए हैं। इन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। इनके उल्लंघन करने वालों को जेल भी हो सकती है। 20 जुलाई 2022 को ‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002’ में एक संशोधन किया गया था। इस संशोधन के अनुसार अब तिरंगे को किसी भी वक्त फहराया जा सकता है। पहले सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही तिरंगे को फहराने की अनुमति थी।

तिरंगा फहराने के नियम— झंडे का आकार आयताकार होना चाहिए। इसकी लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3:2 का होना चाहिए। तिरंगा कभी भी फटा या मैला-कुचैला नहीं फहराया जाना चाहिए। अशोक चक्र का कोई माप तय नही हैं, सिर्फ इसमें 24 तिल्लियां होनी आवश्यक हैं। तिरंगे को किसी भी प्रकार के गणवेश (यूनिफॉर्म) में प्रयोग में नहीं लाया जा सकता। किसी भी स्थिति में तिरंगा जमीन को छूना नहीं चाहिए। किसी अन्य झंडे को राष्ट्रीय ध्वज से ऊंचा नहीं रख या लगा सकते।

झंडे के किसी भाग को जलाने, नुकसान पहुंचाने के अलावा मौखिक या शाब्दिक तौर पर इसका अपमान करने पर तीन साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। झंडे पर कुछ भी बनाना या लिखना गैरकानूनी है। पहले राष्ट्रीय ध्वज को आम लोग सिर्फ स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर ही फहरा सकते थे, लेकिन 2022 के संशोधन के बाद अब कोई भी नागरिक किसी भी दिन तिरंगे को फहरा सकता है।

‘फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002’ के अनुसार फटे या मैले हो चुके तिरंगे को नष्ट करने का नियम भी बताया गया है। इसके अनुसार राष्ट्रीय ध्वज के निस्तारण के दो तरीके हैं। एक दफन करना और दूसरा जलाना। गंदे या फट गए तिरंगे को दफन करने के लिए लकड़ी का बॉक्स लेना होगा। इसमें तिरंगे को सम्मानपूर्वक तह लगाकर रखना होगा। फिर बहुत ही साफ स्थल पर जमीन में दफन करना होगा। इसके बाद उस स्थान पर दो मिनट तक मौन खड़े रहना होगा। जलाने के लिए साफ स्थान पर लकड़ी रखकर उसमें आग लगानी होगी।

पाली में रिकॉर्ड तिरंगा रैली– इधर, राजस्थान के पाली शहर में शनिवार को 6 किलोमीटर लंबी तिरंगा रैली निकाली गई। इसमें शामिल हुए शहरवासियों ने 2 रिकॉर्ड बना दिए। पहला – 3 हजार 650 मीटर लंबे तिरंगे के साथ यात्रा निकाली गई। दूसरा- 15 हजार से ज्यादा लोगों ने सबसे लंबे तिरंगे को थामा।

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