ऑनलाइन मूर्तियां मंगाईं, प्राचीन बताकर की कमाई

यूपी के उन्नाव में ‘पीके’ फिल्म का सीन दोहरा दिया गया। वहां बाप-बेटों ने देवी-देवताओं की मूर्तियां ऑनलाइन मंगाई और इन्हें अपने खेत में दबा दिया। थोड़ी देर बाद बाप-बेटे कुछ लोगों के सामने खेत की खुदाई करने लगे। उन्होंने दबाई मूर्तियों को निकाला और कहने लगे कि ये 500 साल पुरानी हैं।

फिर क्या था, देखते ही देखते गांव और आसपास के लोग खेत पर पहुंचने लगे। भक्तों की कतारें लगने लगीं। लोग पूजा करने आए। फल-फूल के साथ ही चढ़ावा चढ़ाया। दो दिन में ही 35 हजार का चढ़ावा चढ़ गया। घटना महमूदपुर गांव की है। पुलिस ने आरोपी अशोक कुमार और उसके दोनों बेटों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार दो दिनों में मूर्तियों पर फल-फूल के अलावा करीब 35 हजार का चढ़ावा चढ़ा था। पिता और दोनों बेटों ने भी कबूल कर लिया है कि पैसों के लिए ही उन्होंने पूरा स्वांग रचा था। खेत से पीली धातु की हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां निकलने की खबर पाकर एसडीएम और थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुरातत्व विभाग के अफसरों को सूचना देकर मूर्तियों को आरोपी अशोक के घर पर रखवा दिया।

पुलिस और प्रशासन की टीमों के जाने के बाद अशोक के बेटे रवि औऱ विजय गौतम ने मूर्तियों को उठाकर वापस खेत में रख दिया। पिता और दोनों बेटे झोले में प्रसाद लेकर बैठ गए। लोग चढ़ावा चढ़ाने पहुंचने लगे तो रवि ने सभी को प्रसाद बांटा। वहां भीड़ देखकर कुछ पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए।

इस घटना की तस्वीरें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मीशो के डिलिवरी मैन गोरेलाल ने देखीं। वह तस्वीरों को पहचान गया। उसने उस इलाके के थाना प्रभारी को बताया कि मूर्तियां ऑनलाइन ऑर्डर की गई हैं। गोरेलान ने पुलिस से कहा- मैंने इन मूर्तियों को अशोक के यहां पहुंचाया था। उनके बेटे रवि गौतम ने मीशू कंपनी से 169 रुपए में मूर्तियों का सेट ऑनलाइन ऑर्डर कर मंगवाया था। मैंने ही 29 अगस्त को उसके घर ये सेट डिलीवर किया था।

थाना प्रभारी अनुराग सिंह ने बताया अशोक कुमार, उसके बेटे रवि गौतम, विजय गौतम को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनका शांति भंग में चालान किया गया है। ऑनलाइन मूर्तियों को खरीदकर ये तीनों लोगों की आस्था से खिलवाड़ कर रहे थे।

फिल्म पीके में भी एक पत्थर को शिवलिंग बताकर सड़क किनारे रख दिया गया था। लोग उस पत्थर की ही पूजा करने जुटने लगे।

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