कोर्ट में हंसती दिखी सहेली की हत्यारोपी

अपने प्रेमी का सहेली के सम्पर्क में रहना व फोन कॉल करना नागवार गुजरा और गुस्से में आकर घर पर मिलने आई सहेली की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। मर्डर के बाद घर के बाहर खड़ी सहेली की स्कूटी, मोबाइल व रस्सी सहित अन्य सामान भी दूर छोड़कर आई। इस बात का खुलासा आरोपी महिला ने रामगंज थाना पुलिस की ओर से की गई पूछताछ में किया है। वहीं शनिवार को जब आरोपी अनुराधा को कोर्ट में पेश किया गया तो वो हंसती हुई दिखाई दी। उसे कोई पछतावा नहीं दिखा। इस दौरान उसे टोका तो मुंह पर स्कॉर्फ बांध लिया, लेकिन चेहरे पर फिर भी हंसी ही थी।

मामले की जांच कर रहे रामगंज थाना प्रभारी सतेन्द्रसिंह नेगी ने बताया कि हत्या के बाद आरोपी महिला अपने परिचितों से मिलने निकल गई। ताकि किसी को कोई शक नहीं हो। रात को भी अपने घर नहीं पहुंची और पड़ोंस में ही परिचित के घर सो गई। दूसरे दिन घर आई और तैयार होकर अहमदाबाद जाने के लिए पाली चली गई। वहां अपने परिचित को रात के समय नशे की हालत में सहेली की हत्या करने की बात बताई। घबराए परिचित ने पुलिस को जाकर बताया तो आरोपी पकड़ी गई।

सीआई सतेन्द्रसिंह नेगी ने बताया कि 6 सितम्बर को ज्योति धानका ऊसरी गेट रावण की बगीची स्थित अपने मकान से सुबह 11 बजे स्कूटी लेकर निकली। ज्योति करीब दो बजे अपनी अजय नगर निवासी अपनी सहेली अनुराधा नायक के घर पहुंची। वहां दोनों में बातचीत होती रही। दोनों ही ब्याज पर पैसे का लेन-देन का काम करती थी। ऐसे में उनकी हिसाब किताब को लेकर बातें होती रही।

अपने पति की मौत के बाद अनुराधा को एक युवक से प्रेम हो गया था। इसी बीच ज्योति का वहां आना जाना था। इस दौरान प्रेमी व ज्योति आपस में एक दूसरे के सम्पर्क में आए। जब इस बात का पता चला तो अनुराधा ने अपने प्रेमी को टोका और सहेली ज्योति से दूर रहने की नसीहत भी दी। जब ज्योति घर पर अनुराधा के पास थी और इसी दौरान ज्योति के मोबाइल पर प्रेमी का कॉल आया और अनुराधा ने इसे देख लिया। ज्योति ने यह बताकर फोन काट दिया कि वह अनुराधा के घर है। मना करने के बावजूद ज्योति से सम्पर्क रखना अनुराधा को नागवार गुजरा और उसने ज्योति को ही रास्ते से हटाने की सोच ली।

6 सितम्बर की शाम करीब चार बजे ज्योति व अनुराधा में प्रेमी को लेकर हॉट-टॉक हुई और उसने ज्योति को रस्सी से गला दबाकर मार डाला। इसके बाद करीब पांच बजे लाश को कमरे में छोड़कर अनुराधा नहा-धोकर तैयार हुई। फिर ज्योति की स्कूटी, मोबाइल, चप्पल व रस्सी लेकर बाहर निकल गई। स्कूटी को भगवानगंज के पास छोड़ा और सामान वहीं आस पास पटक दिया। इसके बाद इधर उधर घूमकर रात 10 बजे घर पहुंची और आस पास के कुछ लोगों से मुलाकात भी की। ताकि किसी को कोई शक नहीं हो।

घर में लाश को छोड़कर फिर अनुराधा पड़ोस में ही अपने परिचित के घर चली गई। वहां पर बातें करने लगी। रात ज्यादा होने का कारण बताते हुए खाना खाकर वहीं पर सो गई। अगले दिन सुबह आठ बजे उठी और अपने घर जाकर तैयार हुई। इसके बाद अपने मकान का ताला लगाया और निकल गई। यहां से अनुराधा पाली के लिए रवाना हुई। वहां पहुंचते पहुंचते शाम हो गई तो पाली पहुंचने के बाद उसने हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले अपने परिचित सूरज सिंह को कॉल किया। उसने बताया कि वह अहमदाबाद जाना चाहती है, लेकिन रात ज्यादा हो गई इसलिए रात पाली ही रुकेगी।

वहां अपने परिचित के साथ ही वह होटल में खाना खाने पहुंची। अनुराधा ने शराब भी पी। जब नशा हुआ तो रोने लगी। सूरज सिंह ने जब रोने का कारण पूछा तो उसने बताया कि उसने अपनी सहेली ज्योति की हत्या कर दी है। ज्योति के हत्या की बात सुनते ही सूरज सिंह घबरा गया। 8 सितम्बर कीअल सुबह करीब 4 बजे सूरज सिंह अनुराधा को अहमदाबाद जाने के लिए पाली के नहर पुलिया लाया। यहां से उसे छोड़ दिया। इसके बाद सोहनसिंह ट्रांसपोर्ट नगर थाने पहुंचा और पुलिस अधिकारी को सारी बात बता दी। पुलिस ने अनुराधा को पकड़ा और उसने पाली पुलिस को बताया कि ज्योति की लाश अब भी कमरे में पड़ी है। इसकी जानकारी अजमेर में रामगंज सीआई सतेन्द्रसिंह नेगी को दी गई। 8 सितम्बर की सुबह ही रामगंज पुलिस ने जब कमरे का ताला खोला तो वहां ज्योति की लाश पड़ी थी। हत्या के आरोप ने पुलिस अनुराधा को अजमेर लाई और गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार 9 सितम्बर को उसे न्यायालय में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर मोबाइल, रस्सी व अन्य सामान बरामद कर लिया। फिर शनिवार 10 सितम्बर को रिमांड अवधि पूरी होने पर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

दोनों सहेलियों के सम्पर्क में एक फाइनेंसर भी था और कयास लगाया जा रहा था कि फाइनेंसर से ही पीछा छुड़ाने के लिए अनुराधा ने वारदात को अंजाम दिया, लेकिन उसका इस मर्डर में कोई रोल सामने नहीं आया। पुलिस ने उस पूछताछ कर छोड़ दिया।

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