हम काम करते, मोदी राज मार्केटिंग के सहारे

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर आज पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने अपनी प्लैगशिप योजनाओं को अनूठा बताया। ओल्ड पेंशन स्कीम के फैसले का बचाव किया। साथ ही केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर हमला बोला। कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी की पदयात्रा से सजग हो जाएं औऱ सिर्फ मार्केटिंग से सहारे राज करना बंद कर दें। 

गहलोत ने कहा, हमारी सरकार ने कई ऐसी योजनाएं चलाई हैं जो देश में कहीं नहीं है। चिरंजीवी योजना, वृद्धावस्था पेंशन, राजीव गांधी अंग्रेजी सरकारी स्कूल, ओल्ड पेंशन स्कीम और निःशुल्क जांच योजना की चर्चा पूरे देश में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राजस्थान में कर्मचारियों के भविष्य को देखते हुए ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की है, लेकिन देश में कई राज्यों में ओल्ड पेंशन स्कीम का विरोध किया जा रहा है। नीति आयोग इसका विरोध कर रहा है, खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका विरोध कर रहे हैं। मगर हमने मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखकर कर्मचारियों के हित में फैसला लिया है। गहलोत ने कहा- पेंशन तय करने का अधिकार राज्य सरकार का है। पेंशन राज्य सूची का विषय है। उन्होंने कहा, ओपीएस को जारी रखा जाएगा। केंद्र इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। संविधान में ही इसका प्रावधान है कि पेंशन का अधिकार राज्य सरकारों का है। हमने इसपर अमल भी शुरू कर दिया है।

हिमाचल प्रदेशका उदाहरण देते हुए गहलोत ने कहा- हिमाचल के मुख्यमंत्री दिल्ली में जाकर सबके सामने गिड़गिड़ाए कि हमें ओल्ड पेंशन लागू करने दो, नहीं तो चुनाव हार जाएंगे। उनकी एक बात नहीं सुनी गई और हिमाचल के नतीजों के एक दिन बाद एनके सिंह का बयान आ गया इसके खिलाफ। पीएम तो ओपीएस के शुरू से ही खिलाफ हैं। वास्तविकता यह है कि केन्द्र सरकार केवल आर्थिक कारणों से ओपीएस के खिलाफ है, जबकि देखा जाए तो पुरानी पेंशन योजना से ही देश का विकास हुआ है। सरकारी पेंशन पाना सम्मान की बात है। उन्होंने कहा- ओपीएस का भार 25 साल बाद पड़ेगा, जो कर्मचारी 35 साल सरकार की सेवा करता है, उसकी सुरक्षा क्यों नहीं हो?

गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी से मांग की है कि पूरे देश में सोशल सिक्योरिटी लागू होनी चाहिए। वृद्धावस्था के दौरान वृद्ध अपना जीवन आसानी से काट सके, उसके लिए उन्हें सम्मान राशि मिलनी चाहिए। सीएम ने कहा कि विदेशों में भी लोगों को सोशल सिक्योरिटी के तौर पर पैसे दिए जाते हैं। देश में ऐसा नियम लागू होना चाहिए कि आधी राशि राज्य सरकार वहन करे और आधी राशि केंद्र सरकार वहन करें। उन्होंने कहा, अब जमाना सोशल सिक्योरिटी का है। विकसित देशों में सप्ताह में पैसा मिलता है। यहां केंद्र 200 रुपए की बुजुर्ग पेंशन देता है। 200 रुपए में क्या होता है? पूरे देश में नीति बने और सबको कम से कम 2000 से 3000 रुपए पेंशन मिले।

प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए गहलोत ने कहा, राजस्थान विकास का मॉडल राज्य बन रहा है, मोदी का क्या मॉडल है ये वही जानें। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी की डिजिटल क्रांति का असल उपयोग तो मोदी सरकार कर रही है। उसने सोशल मीडिया के सहारे ही राज करने की कला अपनायी हुई है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो ने सबसे ज्यादा रिकॉर्ड छापे राजस्थान में डाले हैं। आईएएस-आईपीएस और भ्रष्ट अफसर जेल जा रहे हैं। उस पर भाजपा कहती है कि राजस्थान में कानून व्यवस्था लचर है। अपराध बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि अपराध नहीं बढ़ रहे हैं, बल्कि सरकार की अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के चलते तुरंत कार्रवाई होती है।

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