निजी अस्पतालों, डाक्टरों की मनमानी रोकने वाला बिल

राजस्थान में डॉक्टरों के भारी विरोध के बीच आज विधानसभा में राइट टू हेल्थ बिल ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है। हालांकि इस बिल के कुछ प्रावधानों को लेकर विपक्ष भी विरोध कर रहा है, लेकिन सरकार इसे आमजन के लिए लाभकारी बता रही है। इस बिल को लेकर जो विरोध हो रहा है, वह निजी चिकित्सक कर रहे हैं। इस बिल के तहत निजी अस्पताल किसी भी इमरजेंसी में इलाज के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस दौरान आने वाले मरीजों का निजी अस्पताल बिना किसी पेमेंट के इलाज करने के लिए बाध्य होंगे।

किसी भी गंभीर बीमारी में इमरजेंसी होने पर मरीज निजी अस्पताल में भर्ती हो सकेगा व इलाज ले सकेगा। इस बिल में दुर्घटना में घायल मरीज को अस्पताल पहुंचाने वाले को भी सरकार की तरफ से 5 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।

बिल में खास—राइट टू हेल्थ बिल में जैव आतंकवाद, नेचुरल बायोलॉजिकल खराबी पैदा करने वाले बैक्टीरिया, वायरस, जहरीले पदार्थों, केमिकल अटैक, परमाणु हमला या दुर्घटना, आबादी की बड़ी तादाद में मौत, गैसों का फैलना और जोखिम शामिल किए गए हैं। इससे होने वाले नुकसान कवर होंगे। महामारी के दौरान राइट टू हेल्थ प्रदेश के लोगों के इलाज, इमरजेंसी इलाज, डायग्नोसिस, नर्सिंग, जांच, उपचार, प्रोसीजर्स को इस बिल में शामिल किया गया हैं।

इसके अलावा बिल में सरकारी और निजी इंस्टीट्यूट, फैसिलिटी, बिल्डिंग आदि को शामिल किया गया हैं। इनडोर, आउटडोर यूनिट्स, सरकारी या निजी स्वामित्व से चलाए जा रहे संस्थान, फंडेड और कंट्रोल्ड इंस्टीट्यूट्स इसमें शामिल होंगे। हेल्थ साइंस डॉक्टर्स, नर्स, पैरा मेडिकल स्टाफ, सोशल वर्कर्स, स्पेशियलाइज्ड हेल्थ प्रोवाइडर, नर्सिंग, रिहैब, हेल्थ रिकवरी, ट्रीटमेंट और दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं, इलाज के खर्चे, जोखिम, फायदों और विकल्पों को भी इसमें शामिल किया गया है।

राइट टू हेल्थ में राजस्थान के हर व्यक्ति को बीमारी की डायग्नोसिस, जांच, इलाज, भावी रिजल्ट और संभावित जटिलताओं और अनुमानित खर्चों के बारे में पूरी जानकारी के साथ पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट्स की ओर से मुफ्त इलाज किया जाएगा। फीस या चार्ज के एडवांस पेमेंट के बिना इमरजेंसी कंडीशन के दौरान बिना देरी किए निजी सर्विस प्रोवाइडर जरूरी इमरजेंसी ट्रीटमेंट फैसिलिटी और इंटेंसिव केयर में इलाज करेंगे।

सर्जरी, कीमोथैरेपी की पहले से ही सूचना देकर इलाज के दौरान सीक्रेसी, मानव गरिमा और गोपनीयता का ख्याल रखा जाएगा। मेल वर्कर की ओर से महिला मरिज के फिजिकल टेस्ट के दौरान महिला की उपस्थिति जरूरी होगी। किसी भी तरह की सेवा और सुविधा की दरों तथा उस पर लगने वाले टैक्स के बारे में मरीज व परिजनों सूचना पाने का हक होगा।

डॉक्टर की सलाह के बगैर अस्पताल या ट्रीटमेंट सेंटर छोडकर जाने वाले मरीज के मामले में इलाज का ब्यौरा प्राप्त किया जा सकेगा। सड़क दुर्घटना में मुफ्त परिवहन, फ्री इलाज और फ्री इंश्योरेंस कवर इस्तेमाल होगा। सुरक्षित खाना देने, साफ पीने के पानी की व्यवस्था, हाईजीन के लिए सरकारी विभागों के बीच आपसी तालमेल रखा जाएगा। शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए सिस्टम बनाना होगा। वेब पोर्टल, शिकायतों सहायता केंद्र को 24 घंटे के अंदर संबंधित अधिकारी को भेजा जाना होगा।24 घंटे के अंदर शिकायत करने वाले को जवाब देगा। डिस्ट्रिक्ट हेल्थ अथॉरिटी को शिकायत मिलने के 30 दिन में उचित कार्रवाई करनी होगी।

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