नौकरानियों ने ओसवाल सोप मालिक के घर की चोरी

जयपुर में देर रात घरेलू कामकाज करने वाली महिला ने अपनी गैंग के 3 सदस्यों के साथ ओसवाल सोप के मालिक के घर में लूट को अंजाम दिया। आरोपी महिला का नाम संगीता थापा है। चोरी करने वालों में एक और महिला शामिल है, जिसका नाम गंगा बताया जा रहा है। उसने एक महीने पहले ही घर का काम छोड़ा था। आरोपी संगीता ने पहले दो घरेलू नौकरों को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया। फिर करीब 50 लाख रुपए की नकदी और गोल्ड ज्वैलरी चोरी कर ली। वारदात आदर्श नगर इलाके की फ्रंटियर कॉलोनी में हुई।

पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड हुई है। इस आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है। नौकरानियों को दिल्ली की एक एजेंसी के जरिए रखा गया था। आदर्श नगर पुलिस उस एजेंसी से संपर्क कर आरोपियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। बेहोश हुए दोनों घरेलू नौकरों को 15 घंटे बाद भी होश नहीं आया है। उनको एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

एडिशनल डीसीपी (पूर्व) आईपीएस राजर्षि वर्मा ने बताया कि प्लॉट नंबर 114 में रहने वाले वीरेंद्र जैन अपने भाईयों के साथ ओसवाल साबुन का व्यवसाय करते हैं। वे अपने परिवार के साथ बुधवार को लुधियाना में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। वे अपने घर को पिछले कई सालों से घरेलू नौकरानी कांता (45), 28 वर्षीया संगीता थापा और 22 वर्षीय एक घरेलू नौकर के भरोसे छोड़कर गए थे।

गुरुवार को दूध देने वाला वीरेंद्र जैन घर पहुंचा तो आवाज देने पर कोई बाहर नहीं आया। इस पर आस-पड़ोस की मदद से अंदर जाकर देखा तो ग्राउंड फ्लोर पर दरवाजे खुले पड़े थे। अंदर घरेलू नौकरानी कांता और नौकर बेहोश पड़े थे। नौकरानी संगीता थापा गायब थी। वहां एक कमरे में सामान बिखरा पड़ा था। यह देखकर पड़ोसियों ने वीरेंद्र जैन के परिजनों और आदर्श नगर थाने में सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वीरेंद्र जैन को फोन कर सूचना दी।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर सामने आया कि बुधवार रात को 10:30 बजे एक महिला और दो युवक वीरेंद्र जैन के घर में दरवाजा खोलकर घुसे थे। इसके करीब एक घंटे बाद घर से दोनों युवक और दो महिलाएं कंधे पर बैग लटकाकर दबे पांव घर से भागते हुए नजर आए।

फुटेज की पड़ताल में सामने आया कि वारदात को वीरेंद्र जैन के यहां पहले काम करने वाली गंगा और अभी काम कर रही संगीता ने अंजाम दिया है। दोनों नेपाल की रहने वाली हैं। गंगा एक महीने पहले ही वीरेंद्र जैन के यहां से काम छोड़कर गई थी। उसने करीब 10 दिनपहले ही अपनी जगह संगीता थापा नाम की महिला को कामकाज के लिए वीरेंद्र जैन के घर में नौकरी के लिए रखवाया था। दोनों महिलाओं को दिल्ली की एक एजेंसी के जरिए वीरेंद्र जैन ने कामकाज के लिए रखा था।

पुलिस का मानना है कि वीरेंद्र जैन के यहां पहले वाली नौकरानी गंगा ने जानबूझकर अपनी जगह संगीता को रखवाया था। संभवताया गंगा और संगीता को पूरी जानकारी थी कि वीरेंद्र जैन और उनका परिवार 13 अक्टूबर को जयपुर से लुधियाना के लिए रवाना होगा। इसलिए उन्होंने इसी रात को वारदात के लिए चुना। बदमाशों ने ग्राउंड फ्लोर पर वीरेंद्र जैन और पहली मंजिल पर उनके बेटे के कमरे को ही निशाना बनाया।

वहां तिजोरी और अलमारियों के ताले तोड़कर सामान खंगाला। करीब 15 से 20 लाख रुपए नकद और बाकी गोल्ड ज्वैलरी को चुराकर बैग में डाल लिया। उन्होंने चांदी के आइटम को हाथ नहीं लगाया। बदमाशों ने सिर्फ दो ही कमरों के ताले तोड़े। इसके अलावा किसी सामान को हाथ नहीं लगाया। इससे पुलिस का मानना है कि बदमाशों को पहले से पता था कि ज्वैलरी और केश कहां रखा है।

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