शाहरुख ने वही किया जो इस्लामी परंपरा है

दिग्गज एक्टर शाहरुख खान का अपनी प्रिय गायिका लता दीदी को आखिरी सफर पर जाते देखते वक्त दुआ करना औऱ फूंक मारना चर्चा का विषय बन गया है। एक भाजपा नेता ने तो इसपर सवाल खड़ा कर दिया है। 

6 फरवरी की शाम मुंबई के शिवाजी पार्क में देश की नामचीन हस्तियों का हुजूम था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे तक, हर कोई नतमस्तक था। मृत्यु शैया पर सबकी प्यारी लता दीदी का पार्थिव शरीर था और हर कोई उनका दीदार कर अंतिम विदाई दे रहा था। शाहरुख खान जब लता दीदी को आखिरी सलाम देने पहुंचे तो दुआ में उनके दोनों हाथ उठे। शाहरुख ने खुदा से लता दीदी की आत्मा की शांति के लिए दुआ की। दुआ पढ़कर मास्क हटाया और फूंक भी मारी। लता दीदी के दीदार किए और चरणों को छूकर अपना प्रेम-सम्मान जाहिर किया। हाथ जोड़कर नमन भी किया। उनकी फूंक को ‘थूकना’ बताकर सवाल किए जा रहे हैं।

लता दीदी को शाहरुख के इस आखिरी सलाम की किसी ने तारीफ की तो किसी ने ‘फूंक मारने’ को ‘थूकना’ बताकर बहस छेड़ दी। वैसे देख जाए तो इस्लामिक परंपरा के अनुसार जब कोई दुआ की जाती है तो उसके लिए दोनों हाथों को उठाकर सीने तक लाना होता है और अल्लाह से मिन्नतें की जाती हैं। ये ठीक वैसे ही है, जैसे किसी के आगे झोली फैलाने की बात कही जाती है। उसी तरह दोनों हाथ एक साथ मिलाकर फैलाए जाते हैं और अल्लाह के सामने अपनी अर्जी लगाई जाती है।

किसी के स्वस्थ होने की दुआ, किसी की नौकरी की दुआ या किसी आत्मा की शांति के लिए दुआ…दुआ कुछ भी हो सकती है। दोनों हाथ फैलाकर दुआ मांगने की तस्वीरें फिल्मों में भी नजर आ जाती हैं। शाहरुख ने लता दीदी के पार्थिव शरीर के सामने जो किया वो यही था। उन्होंने जरूर लता दीदी की रूह को सुकून मिलने की दुआ की होगी, जैसा कि लता दीदी के लाखों-करोड़ों फैंस कर रहे थे। 

शाहरुख जब अपने दोनों हाथ फैलाकर दुआ कर रहे थे, तब उनके चेहरे पर ब्लैक मास्क था। करीब 12 सेकंड तक उन्होंने दुआ की और फिर मुंह से मास्क हटाया। मास्क हटाकर वो हल्का सा झुके और लता दीदी के पार्थिव शरीर पर फूंक मारी। इस फूंक का वीडियो शेयर कर ट्विटर पर भाजपा के हरियाणा आईटी सेल के इंचार्ज अरुण यादव ने सवाल उठाया। इस्लामिक नजरिए से समझें, तो दुआ का ये तरीका बड़ा आम है। हमने-आपने भी मस्जिदों या दरगाहों पर ऐसे दृश्य देखे होंगे, जब कोई मां-बाप अपने बच्चे के लिए मुफ्ती या मौलाना से दुआ करा रहे होते हैं, वो दुआ करते हैं और फिर बच्चे के ऊपर फूंक मारते हैं। ऐसा बड़ों के लिए भी हो सकता है और किया भी जाता है। क्योंकि दुआ किसी भी इंसान के लिए की जाती है। तंत्र-मंत्र विद्या में भी फूंक मारने का तरीका अपनाया जाता है।

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