मलिक और देशमुख नहीं डाल सकेंगे वोट

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक और पूर्व मंत्री अनिल देशमुख राज्यसभा चुनाव में वोटिंग नहीं कर सकेंगे। विशेष पीएमएलए कोर्ट ने मतदान करने की अनुमति देने के लिए दर्ज की गई याचिका को खारिज कर दिया है। राज्यसभा के चुनाव 10 जून को होने हैं। दोनों ने राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग के लिए जमानत मांगी थी। जमानत नहीं मिलने से मलिक और देशमुख वोटिंग नहीं कर सकेंगे। यह राज्य की सत्ता में काबिज महाराष्ट्र विकास अघाड़ी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कोर्ट के फैसले से उनके दो वोट कम हो गए हैं।

मुंबई के सेशन कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें दोनों नेताओं ने राज्यसभा चुनाव में वोट डालने के लिए जमानत मांगी थी।

महाराष्ट्र के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक फरवरी से जेल में बंद हैं। उनपर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगया है। इसी तरह राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख भी जेल में बंद हैं। उनपर भी मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।

नवाब मलिक ने कोर्ट को बताया कि वह एक निर्वाचित विधायक हैं और राज्यसभा के लिए प्रतिनिधि चुनने में अपने निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों का प्रतिनिधित्व करने के लिए कर्तव्य से बंधे हुए हैं, ऐसे में उन्हें वोट डालने की इजाजत दे दी जाए। महाराष्ट्र में कल राज्यसभा की 6 सीटों के चुनाव होना है। लगभग दो दशक के बाद राज्यसभा के लिए राज्य में चुनाव हो रहा है। आमतौर पर पिछले दो दशक से यहां निर्विरोध प्रत्याशी चुन लिए जाते हैं लेकिन इस बार सीट से अधिक उम्मीदवार के खड़े हो जाने के कारण चुनाव कराना पड़ रहा है।

शिवसेना ने यहां से अपने दो उम्मीदवार उतारे हैं-संजय राउत और संजय पवार। जबकि बीजेपी ने तीन उम्मीदवारों को खड़ा किया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अनिल बोंदे और धनंजय महादिक। इसके अलावा एनसीपी ने प्रभुल पटेल और कांग्रेस ने इमरान प्रतापगढ़ी को अपना उम्मीदवार बनाया है।

महाराष्ट्र में 6 सीटों के लिए चुनाव होना है। एक सीट के लिए 42 वोटों की जरूरत है। सत्ताधारी महाराष्ट्र विकास अघाड़ी गठबंधन के पास 151 वोट है। इस लिहाज से वह तीन सीट आसानी से जीत सकता है लेकिन चौथी सीट पर उम्मीदवार को जीताने के लिए उसे 15 और वोटों की जरूरत पड़ेगी।छोटे दलों का भरोसा पाकर शिवसेना ने चौथे उम्मीदवार को भी उतार दिया है। दूसरी ओर भाजपा के पास 106 विधायक हैं। दो सीटों पर वह आसानी से जीत सकता है लेकिन तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए उसे 22 अतिरिक्त वोट की जरूरत पड़ेगी, लेकिन उसने भी इन्हीं छोटे दलों के सहारे अपने तीसरे उम्मीदवार को उतार दिया है। कांग्रेस में इमरान प्रतापगढ़ी को वहां से खड़ा करने पर विरोध हो रहा है। ऐसे में भाजपा को उम्मीद है कि कांग्रेस से क्रॉस वोटिंग हो सकती है।

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