समान नागरिक संहिताः देश में नहीं, राज्य स्वतंत्र

केंद्र सरकार ने कहा कि देशभर में समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लाने का फिलहाल कोई विचार नहीं है, लेकिन राज्य सरकारें ऐसा कानून लाने के लिए स्वतंत्र हैं। केंद्र सरकार की तरफ से कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए साफ किया की केंद्र सरकार फिलहाल देशभर में यूनिफॉर्म सिविल कोड लाने पर कोई विचार नहीं कर रही है।

उन्होंने बताया कि इसकी एक वजह यह है कि सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत कई मामले लंबित हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए कोई फैसला नही लिया है। कानून मंत्री ने ये भी जानकारी दी कि संविधान के अनुसार राज्य सरकारों को अपनी तरफ से यूनिफॉर्म सिविल कोड अपने राज्य में लागू करने का पूरा अधिकार है।

केंद्र सरकार का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उत्तराखंड सरकार राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करने पर तेजी से काम कर रही है। गत 14 जुलाई को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की दूसरी बैठक नई दिल्ली में संपन्न हुई।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक में अन्य सदस्यों ने भी हिस्सा लिया और समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। बैठक में विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई कि समान नागरिक संहिता का मसौदा जल्द तैयार कर राज्य सरकार को सौंप दिया जाएगा।

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