टीचर पिटाई से मौतः विरोध फैला, नेता सक्रिय

टीचर की कथित पिटाई से जालोर के छात्र इंद्र मेघवाल की मौत के मामले में प्रदेश की राजनीति गरमाई हुई है। पीड़ित परिवार से मिलने के लिए नेताओं का सुराणा गांव पहुंचने का सिलसिला जारी है। नेताओं के दौरे को देखते हुए जालोर जिला प्रशासन ने इंटरनेट की स्पीड घटा दी है।

आज दोपहर में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश, मंत्री गोविंद मेघवाल, राज्य मंत्री अर्जुन बामणिया, जनअभाव अभियोग निराकरण समिति (पब्लिक डेप्रवेशन रिड्रेसल कमेटी) के अध्यक्ष पुखराज पाराशर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान डोटासरा ने आश्वासन दिया कि परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा। वापस जाते समय सभी लोग 36 कौम के धरने पर पहुंचे। यहां पर लोगों से मिलने के बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। दोषी लोगों को सजा दी जाएगी और निर्दोष लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।

डोटासरा के पहुंचने के करीब 15 मिनट बाद बारां-अटरू विधायक पानाचंद मेघवाल पहुंचे। मेघवाल ने कहा- जब तक इस मामले की जांच पूरी नहीं होती, इस्तीफा वापस नहीं लूगा। इधर, जयपुर में चार दलित नेता पानी की टंकी पर चढ़ गए हैं। उनकी मांग है कि सरकार मुआवजा बढ़ाए और परिवार के दो लोगों को नौकरी दे।

मंगलवार सुबह जैसलमेर कांग्रेस विधायक रूपाराम धनदेव और पूर्व जिला प्रमुख अंजना मेघवाल भी सुराणा गांव पहुंचे। उन्होंने इंद्र मेघवाल के परिजनों से मुलाकात कर उनको ढांढस बंधाया। पूर्व मंत्री गोलमा देवी करीब 10.30 बजे सुराणा गांव पहुंचीं और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। गोलमा देवी ने बताया कि सांसद किरोड़ी लाल मीणा को पुलिस ने पाली और जालोर की सीमा पर रोक दिया। इस कारण मैं यहां आई हूं। गोलमा देवी ने कहा कि सरकार को हमारी मांगें माननी होंगी। उन्होंने मृतक की मां को सांसद किरोड़ी की एक महीने की सैलरी 1 लाख रुपए दिए।

मंत्री भजनलाल जाटव, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के भी सुराणा गांव जाने की योजना है। इससे पहले जैसलमेर विधायक रूपाराम धनदेव सुबह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिवार वालों से बात की। सोमवार को राजस्थान सरकार के 4 मंत्री सुराणा गांव पहुंचे थे और बच्चे के परिजनों से मुलाकात की। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जुली, श्रम मंत्री सुखराम बिश्नोई, अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष खिलाड़ी लाल बैरवा और जनअभाव अभियोग निराकरण समिति (पब्लिक डेप्रवेशन रिड्रेसल कमेटी) के अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।

पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद खिलाड़ी लाल बैरवा ने सरकार के मुआवजे पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए की मदद और परिवार के 1 सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

जालोर जिले में कई नेताओं के दौरे को लेकर पुलिस विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर दी हैं। जालोर से सुराणा तक रास्ते में भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है। सुराणा गांव को भी पुलिस छावनी में बदल दिया है।

टीचर की पिटाई के कारण इंद्र मेघवाल की मौत के बाद शहरों से लेकर कस्बों तक लोग विरोध पर उतर आए हैं। दौसा जिला मुख्यालय पर दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नेहरू गार्डन से गांधी तिराहे तक कैंडल मार्च निकाला। महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने 2 मिनट का मौन रखकर मृतक छात्र को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पदाधिकारियों ने राज्य सरकार पर भी निशाना साधा।

बैरवा समाज के बाबूलाल टोरडा ने कहा कि बहुत निंदनीय घटना है। राज्य सरकार दूसरी घटनाओं में मृतकों को 50 लाख रुपए और परिवार के सदस्य को नौकरी का मुआवजा देती है, लेकिन दलित के साथ होने वाली घटनाओं में पीड़ित परिवार को महज 5 लाख रुपए का मुआवजा देकर भेदभाव कर रही है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.