बांकेबिहारी मंदिर में दमघुटने से दो मरे

जन्माष्टमी पर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में रात दो बजे मंगला आरती के दौरान दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 6 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों को फिलहाल वहीं 3 अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मरने वालों में एक महिला और एक पुरुष है। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि 50 से ज्यादा लोग बेहोश होकर गिर पड़े।

मंदिर के सेवादारों के अनुसार अधिकारियों के परिजन छत पर बनी बालकनी से दर्शन कर रहे थे। अधिकारियों ने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ऊपरी मंजिल के गेट बंद करा दिए। भीड़ का दबाव बढ़ने लगा, जिससे हादसा हुआ।

ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रात 12 बजे श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया। इसके बाद ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार हुआ। इस दौरान कपाट बंद थे। भक्त मंदिर के आंगन में इकट्ठा होते रहे। 1.45 बजे कपाट दोबारा खोले गए। इसके बाद 1.55 बजे मंगला आरती शुरू हुई। मंदिर के आंगन में एक साथ करीब 800 भक्त आ सकते हैं। अनुमान है कि हादसे के समय 50 हजार अधिक श्रद्धालु पहुंच गए। भीड़ अधिक होने की वजह से कुछ श्रद्धालुओं का दम घुटने लगा।

सांस लेने में दिक्कत होने के बाद नोएडा सेक्टर 99 की रहने वाली महिला निर्मला देवी और वृंदावन की भूलेराम कॉलोनी रुक्मणि विहार के रामप्रसाद विश्वकर्मा की सबसे पहले तबीयत बिगड़ी। रेस्क्यू टीम उन्हें अस्पताल लेकर जा रही थी, मगर रास्ते में ही दम तोड़ दिया। राम प्रसाद मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले हैं।

मंदिर में जिस समय हादसा हुआ, उस समय डीएम, एसएसपी, नगर आयुक्त समेत पुलिस बल मौजूद था। कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें अफसर अपने परिवार के लोगों को मोबाइल पर वीआईपी दर्शन कराते हुए दिख रहे हैं। अफसर छत पर बनी बालकनी में दिखे, जबकि नीचे भक्तगण धक्का देकर अंदर आने का प्रयास करते रहे। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस और पीएसी के जवानों ने बेहोश हो रहे लोगों को मंदिर से निकालना शुरू किया।

मंदिर के सेवायत श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया, ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती की परंपरा नहीं है। यहां ठाकुर जी बाल स्वरूप में हैं और रात को निधिवन में रास रचाने जाते हैं। इसलिए सुबह उन्हें उठाया नहीं जाता। ठाकुरजी की मंगला आरती साल में सिर्फ एक बार जन्माष्टमी के दिन होती है। इस दिन कान्हा ठाकुर बनकर रात में भक्तों को दर्शन देते हैं। हादसे के वक्त भी 1:55 बजे मंगला आरती हो रही थी। इसके बाद कुछ समय के लिए पट बंद किए गए थे। इस दौरान क्षमता से अधिक भक्त मंदिर परिसर में इकट्‌ठा हो गए।

बांके बिहारी मंदिर के हादसे पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शोक व्यक्त किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिवंगत लोगों के परिवार वालों के लिए संवेदना व्यक्त की। जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों का ठीक से इलाज कराया जाए। उन्होंने गृह मंत्रालय को भी निर्देश दिए कि त्यौहार पर मंदिरों में भीड़ को देखते हुए, पहले से ज्यादा बेहतर इंतजाम किए जाएं।

बांके बिहारी मंदिर में पहले भी हादसे होते रहे हैं। पिछले कुछ हादसों पर नजर डालें तो न ही मंदिर प्रबंधन ने और न ही प्रशासन ने कोई सबक लिया। यहां इसी साल फरवरी और मार्च में दो हादसे हुए, जिसमें दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।

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