राजू को 15 दिन बाद आया होश

कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को दिल्ली एम्स में इलाज के 15वें दिन गुरुवार सुबह होश आ गया है। उनके होश में आने से परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। उन्होंने जैसे ही आंखें खोलीं, तो पत्नी शिखा ने इशारे से जानना चाहा कि क्या राजू समझ पा रहे हैं कि वो कहां हैं और कौन हैं? जवाब में राजू के मुंह से लड़खड़ाती आवाज सी निकली– हां, मैं ठीक हूं। उनके होठ भी हिले। राजू ने एम्स के मेडिकल स्टाफ से भी इशारों में बात की। नर्स से पूछा कि वह अस्पताल में कैसे? स्टाफ ने उन्हें जवाब दिया कि आप चक्कर आने से गिर गए थे। इसलिए आपको अस्पताल लाया गया है।

राजू के साले आशीष श्रीवास्तव ने उनके होश में आने की पुष्टि की। उन्होंने कानपुर के व्यापारी नेता ज्ञानेश मिश्रा और हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी को भी फोन कर ये जानकारी दी। 10 अगस्त को दिल का दौरा पड़ने के बाद से राजू को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था।

राजू इस समय दिल्ली एम्स के सेकंड फ्लोर के आईसीयू में भर्ती हैं। एम्स के डॉक्टर उन्हें संक्रमण से बचाने पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। इसे देखते हुए सिर्फ पत्नी शिखा को ही आईसीयू में जाने की अनुमति दी गई है। उनका पूरा परिवार एम्स में ही रुका हुआ है। कानपुर समेत पूरे देश में उनके लिए दुआओं का सिलसिला लगातार जारी है।

राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा ने बताया कि पापा की हालत स्थिर है। उनकी तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। डॉक्टर्स उनका इलाज बेहतर तरीके से कर रहे हैं। उन्हें रोज नली के जरिए दूध और जूस दिया जा रहा है। न्यूरो फीजियोथेरैपी के जरिए उनके ब्रेन में ऑक्सीजन सप्लाई शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। परिजनों के अनुसार बुधवार को आधे घंटे के लिए वेंटिलेटर हटाया गया। ये दूसरी बार है जब राजू को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाया गया है। इससे पहले 15 अगस्त को 1 घंटे के लिए वेंटिलेटर हटाया था। हालांकि तब उन्हें बुखार आ गया था। उसके बाद फिर से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

राजू के बड़े भाई सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि वे गुड़गांव में अपने घर पर 7 दिन से लगातार रुद्राभिषेक करा रहे हैं। राजू की सेहत में जल्द सुधार हो, इसके लिए पूरा परिवार दिन-रात प्रार्थना कर रहा है। राजू के दोस्त कॉमेडियन सुनील पाल ने भी बताया कि राजू की सेहत अब पहले से काफी बेहतर है। वह पॉजिटिव साइन दे रहे हैं। बाकी सब प्रार्थनाओं पर निर्भर करता है। हमें सकारात्मक सोचना होगा।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.