बीएसएनएल, एमटीएनएल के टावर बिकेंगे

केंद्र सरकार का बीएसएनएल को निजी हाथों में सौपने का छुपा एजेंडा आखिर सामने आ ही गया। काफी समय से विनिवेश से इनकार की गोलियां देने के बाद अब मोदी शासन ने 2025 तक बीएसएनएल और एमटीएनएल के मोबाइल टावर बेचने की कवायद शुरू कर दी है। बीएसएनएल के 13,567 मोबाइल टावर बेचकर 4 हजार करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, एमटीएनएल के 1350 मोबाइल टावर बेचे जाएंगे। दोनों कंपनियों को मिलाकर 14,917 टावर बेचने का योजना है।

रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कल घोषणा की थी कि देश में 12 अक्टूबर 2022 को 5जी सर्विस लांच किए जाने की उम्मीद है। एक ओर देश में  जहां निजी टेलीकॉम ऑपरेटर 5जी सर्विस लांच करने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी टेलीकॉम ऑपरेटर बीएसएनएल अभी तक ग्राहकों को 4जी सर्विस तक नहीं दे पा रही है। यही नहीं बीएसएनएल ग्राहकों को देश के प्रमुख शहरों तक में सही ढंग से नेटवर्क उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। बीएसएनएल को सोची-समझी रणनीति के तहत पंगु बनाते जाने के बीच ही मोबाइल टावर बेचने खबर आ गई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार द्वारा  बीएसएनएल और एमटीएनएल के टावर बेचने के लिए केपीएमजी को वित्तीय सलाहकार नियुक्त किया गया है। सरकार बीएसएनएल के टावर्स को चरणबद्ध तरीके से बेचेगी। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, मुंबई को छोड़कर देश के हर कोने में बीएसएनएल के पास कुल 68 हजार मोबाइल टावर हैं, जिसमें से 70 फीसदी टॉवर्स फाइबर केबल से जुड़े हुए हैं। फाइबर केबल से जुड़े ये टावर्स 4जी व 5जी सेवाओं को शुरू करने के लिए एकदम तैयार हैं, फिर भी बीएसएनएल को घाटे में चलाया जा रहा है। इस घाटे को कम करने के लिए सरकार भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क को बीएसएनएल के साथ विलय कर रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि बीएसएनएल कब घाटे से उबर पाती है और कब देश में कम से कम 4जी सेवा देती है।

पिछले महीने 27 जुलाई को ही सरकार ने बीएसएनएल के रिवाइवल के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके बारे में बताते हुए कहा था कि इस रिवाइवल पैकेज से बीएसएनएल की 4जी सर्विस के विस्तार में मदद के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन किया जाएगा। बीएसएनएल के रिवाइवल के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपए की मंजूरी देने के बाद केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 4 अगस्त को बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें उन्होंने 62 हजार कर्मचारियों को हिदायत दी थी, जिसका एक ऑडियो भी सुनियोजित ढंग से लीक किया गया है। ऑडियों में वह ‘सरकारी’ रवैया छोड़कर कर्मचारियों से ठीक से काम करने को कर रहे हैं। मंत्री कह रहे हैं कि कर्मचारी सरकारी रवैया छोड़कर ठीक से काम करें, वर्ना घर पर बैठ जाएं।

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