सौर ऊर्जा से किया जाएगा संकट दूर

दीपावली के त्योहारी सीजन से पहले राजस्थान में बिजली संकट से निपटने के लिए राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (आरयूवीएनएल) ने दीर्घावधि की बिजली खरीद का अनुबंध किया है। 6 कंपनियों के 1785 मेगावाट कैपिसिटी के सोलर पावर प्लांट्स से बिजली खरीदने के लिए आरयूवीएनएल ने यह बड़ा करार किया है। इन कंपनियों से केवल 2.17 रुपए और 2.18 रुपए प्रति यूनिट की सस्ती रेट पर अगले 20 साल तक बिजली खरीदी जाएगी। 7 पैसा प्रति यूनिट सेबी को ट्रेडिंग चार्ज के तौर पर अलग से दिए जाएंगे। टैरिफ रेट फाइनल करने को लेकर राजस्थान इलेक्ट्रिसिटी रेग्युलेरिटी कमीशन में याचिका भी लगा दी गई है, जिसमें सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के जरिए गाइडलाइंस के मुताबिक बिडिंग का हवाला दिया गया है।

आरयूवीएनएल के चीफ इंजीनियर मुकेश बंसल ने बताया कि 1 मेगावाट पावर से 1 घंटे में 1000 यूनिट और 24 घंटे में 24 हजार यूनिट बिजली मिलती है। लेकिन सोलर पावर प्लांट सूरज उगने (सूर्योदय) और सूरज छिपने (सूर्यास्त) तक ही बिजली पैदा कर सकता है। इसलिए इसकी कैल्कुलेशन 30 प्रतिशत बिजली सप्लाई मिलने के आधार पर की जाती है। इसलिए 6 बिजली कंपनियों से आरयूवीएनएल को करीब 540 मेगावाट बिजली ही प्रतिघंटा मिल पाएगी। 24 घंटे में औसत लगभग 1 करोड़ 30 लाख यूनिट बिजली खरीद होगी। इस आधार पर रोजाना करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपए, महीनेभर में 85 करोड़ और सालभर में 10 अरब 20 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी जाएगी। सेबी में ट्रेडिंग चार्ज के 9 लाख 10 हजार रुपए रोजाना अलग से देने होंगे।

सोलर बिजली मिलना शुरू होते ही प्रदेश में दिवाली मेंटेनेंस के नाम पर रोजाना 4-4 घंटे की कटौती बंद हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार कटौती का बड़ा कारण बिजली की कमी होना भी है। वैसे मेंटेनेंस के नाम पर पिछले 18 दिनों से रोजाना पावर कट किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 25-30 फीडर्स को रोस्टर के आधार पर चलाकर लोड शेडिंग कर बिजली कटौती की जा रही है। राहत मिलने पर वह कटौती भी बंद होगी। डिस्कॉम सूत्रों के अनुसार दिवाली से दो दिन पहले से इंडस्ट्रीयल लोड कम हो जाएगा। करीब 4000 मेगावाट बिजली की खपत घट जाएगी, जिससे प्रदेश की तीनों बिजली डिस्कॉम कंपनियों- जेवीवीएनएल, एवीवीएनएल, जेडीवीवीएनएल को बड़ी राहत मिलेगी। 1 करोड़ 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली में काफी सुधार होगा। बिजली कटौती बंद हो जाएगी। बिजली सरप्लस भी हो सकती है।

दिवाली के बाद सर्दियों का सीजन भी आ रहा है। सर्दियों में बिजली की मांग काफी घट जाती है। इंडस्ट्रीयल लोड के साथ ही घरेलू , कॉमर्शियल और एग्रीकल्चर सेक्टर में बिजली की खपत घट जाती है। ऐसे में प्रदेश में मार्च तक बिजली की कमी नहीं होगी। प्रदेश के एक करोड़ 47 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से राहत मिलेगी।

बिजली कंपनियों को सौर ऊर्जा सस्ती जरूर मिलेगी, लेकिन बिजली उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट रेट में किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। सस्ती बिजली खरीद के बावजूद सामान्य बिजली उपभोक्ताओं को 7 रुपए से 8 रुपए प्रति यूनिट की रेट पर ही बिजली मिलेगी। सस्ती बिजली से बिजली कंपनियों को ही कुछ फायदा होगा।                (साभार-भास्कर)

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