अंतर्राष्ट्रीय ठग का जंगल में अरबों का महल

राजस्थान के राजसमंद जिले के छोटे से गांव में बैठकर अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया में ठगी करने वाले वाले बॉब ने काली कमाई से ऐसा साम्राज्य खड़ा कर दिया, जिसे देखकर सीबीआई भी दंग रह गई।

विदेशियों से ठगी कर बेशुमार दौलत कमाने वाला बॉब राजसमंद की एक टायर फैक्ट्री में कभी मजदूरी करने वाले का बेटा कमल सिंह है। उसकी तलाश अमेरिका की एफबीआई तथा कनाडा व ऑस्ट्रेलिया पुलिस कर रही थी। इंटरपोल ने जब भारत में सीबीआई से संपर्क किया तो गत 4 अक्टूबर को देश में एक साथ 115 ठिकानों पर रेड मारी गई।

कमल उर्फ बॉब को पकड़ने के लिए सीबीआई टीम राजसमंद जिले के कांकरोली पहुंची तो पता चला कि उसका पूरा परिवार ही घर से कॉल सेंटर ऑपरेट कर रहा था। उसके घर की तलाशी में मिले 1.8 करोड़ कैश को गिनने के लिए मशीन मंगवानी पड़ी। वहीं, डेढ़ किलो से ज्यादा सोना भी बरामद हुआ।

कमल सिंह देवड़ा उर्फ बॉब जंगल में 50 करोड़ के आलीशान महल में रह रहा था। उसके फार्म हाउस में लग्जरी कारों के कलेक्शन से लेकर ऐश-ओ-आराम की हर चीज मौजूद थीं। उसने करीब आठ साल पहले 18 बीघा जमीन खरीदी थी। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उसने नदी के किनारे ही अपना सेफ हाउस बनाया, ताकि वहां तक कोई आसानी से नहीं पहुंच सके। कमल सिंह ने फार्म हाउस को इस तरीके से बनवाया कि यहां कॉल सेंटर और मौज दोनों ही कर सके। फार्म हाउस में तीन से चार घोड़े भी हैं। इसके साथ ही स्विमिंग पूल, खेल मैदान, टेनिस कोर्ट, जिम जैसी सारी सुविधाएं बना रखी हैं। इस फार्म हाउस में करीब आधा दर्जन लग्जरी गाड़ियां भी पार्क मिलीं।

इस ठिकाने पर कमल ने कॉल सेंटर चलाने के लिए हाई स्पीड इंटरनेट का एक टॉवर और लैपटॉप का पूरा सेटअप लगाया। फार्म हाउस के बाहर तीन स्तरीय की सुरक्षा के लिए पहले तारबंदी और उसके बाद बड़ी दीवार और फिर पर्सनल गार्ड को तैनात किया था। ताकि आसानी से कोई पता नहीं लगा सके कि फार्म हाउस के अंदर क्या चल रहा है। अगर पुलिस भी छापा मारे तो इतनी सुरक्षा के कारण आसानी से अंदर नहीं आ सके। बाहर की हर गतिविधि पर निगाह रखने के लिए गेट के बाहर और अंदर 10 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे।

नाम नहीं छापने की शर्त पर सीबीआई के अधिकारी ने बताया कि इस कार्रवाई के तीन-चार महीने में ही कमल जमानत पर बाहर आ गया। फिर से नया सेटअप तैयार किया, लेकिन इस बार उसने इस काम में अपने परिवार को झोंक दिया। अपने 10वीं पास भाई भवानी, कभी फैक्ट्री में मजदूरी करने वाले घमेर सिंह को अमरीकी एक्सेंट में अंग्रेजी बोलना सिखाया। कुछ महीनों की ट्रेनिंग में परिवार के कई सदस्यों ने विदेशियों को ठगने के लिए गिनी चुनी लाइनें सीखीं। इसके बाद अमलोई स्थित अपने सेफ हाउस से ही बॉब फिर से अमरीकियों तथा कनाडा व ऑस्ट्रेलियाई लोगों को अपना शिकार बनाने लगा।

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