संविदाकर्मियों को तोहफा, 30 हजार होंगे नियमित

गहलोत सरकार ने 30 हजार से ज्यादा संविदाकर्मियों को नियमित करने का फैसला किया है। पंचायत सहायक, शिक्षाकर्मी और पैराटीचर्स को नियमित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। तीनों को अब शुरुआत में 10,400 रुपए का वेतन मिलेगा। जिन संविदा कर्मचारियों को अभी 10,400 से ज्यादा मिलते हैं, उनका वेतन पहले की तरह मिलता रहेगा। 9 साल की नौकरी पूरी करने पर 18,500 और 18 साल की नौकरी पूरी करने पर 32,300 रुपए सैलरी मिलेगा।

इन पदों को राजस्थान कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स के दायरे में लिया गया है। शिक्षाकर्मी, पैराटीचर्स और ग्राम पंचायत सहायक के पदनाम बदले गए हैं। शिक्षाकर्मी को अब शिक्षा सहायक, पैराटीचर्स को पाठशाला सहायक और ग्राम पंचायत सहायक विद्यालय सहायक कहा जाएगा।

एजेंसी के माध्यम से जॉब आधार पर काम कर रहे संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जाएगा। पंचायत सहायक, शिक्षाकर्मी और पैराटीचर्स को तभी नियमित किया जाएगा, जब वे इन पदों के लिए तय शैक्षणिक योग्यता को पूरा करेगे। संविदा सेवा नियम के दायरे में वे ही संविदाकर्मी आएंगे जो तय योग्यता पूरी करते हैं।

जिन संविदा कर्मियों का पहले का वेतन ज्यादा होगा, उन्हें मिलने वाले वेतन में दो सालाना इंक्रीमेंट जोड़कर नया वेतन तय किया जाएगा। जिन कर्मचारियों का पहले से मिलने वाला वेतन संरक्षित किया गया है, उनकी 9 और 18 साल की सेवा की गिनती इन नियमों के आने की तारीख से होगी। पहले की सेवा 9 और 18 साल की गिनती में शामिल नहीं होगी। पंचायती राज और शिक्षा विभाग में काम कर रहे 31,463 संविदाकर्मी इसके दायरे में आंएगे। नियमित होने वालों में सबसे ज्यादा 23749 पंचायत सहायक हैं। इनमें 26 वरिष्ठ शिक्षाकर्मी, 1764 वरिष्ठ शिक्षाकर्मी और 2048 सामान्य शिक्षाकर्मी हैं। नियमित होने वाले पैराटीचर्स की संख्या 3886 है।

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