भारत विरोधी सुएला फिर गृहमंत्री

किंग चार्ल्स तृतीय द्वारा पीएम पद पर नियुक्त किए जाने के तुरंत बाद ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कई बड़े फैसले किए हैं। उन्होंने जहां कई मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया, वहीं कुछ लोगों को फिर एंट्री भी मिल गई है। इनमें लिज सरकार में गृह मंत्री रहीं सुएला ब्रेवरमैन भी हैं। वह फिर से यूनाइटेड किंगडम की गृह मंत्री नियुक्त की गई हैं। ब्रेवरमैन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते से ब्रिटेन में प्रवासी बढ़ेंगे और यह ब्रेग्जिट की भावना के प्रतिकूल होगा।

पूर्व प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस के कैबिनेट में गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन के पद छोड़ने और कंज़र्वेटिव पार्टी के सांसदों के बग़ावत के बाद ही ट्रस को इस्तीफ़ा देना पड़ा था। सुएला ब्रेवरमैन भारतीय मूल की हैं। उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में भारत के साथ हो रहे व्यापार समझौते को लेकर चिंताएं ज़ाहिर की थीं। उन्होंने कहा था कि भारत के साथ व्यापार समझौते की वजह से ब्रिटेन में भारतीयों की संख्या बढ़ सकती है। इससे ब्रेग्ज़िट के मक़सद को भी नुक़सान पहुँच सकता है।

उऩका ये बयान ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस के रुख़ से अलग था। लिज़ ट्रस चाहती हैं थीं कि भारत के साथ व्यापार समझौते को इस साल दिवाली तक पूरा कर लिया जाए। द स्पेक्टेटर को दिए साक्षात्कार में सुएला ब्रेवरमैन ने कहा था, मुझे भारत के साथ खुली सीमा की नीति को लेकर चिंताएँ हैं, क्योंकि मुझे लगता है कि लोगों ने जब ब्रेग्ज़िट को चुना था, तब इसलिए वोट नहीं किया था। ब्रिटेन के प्रवासी वीजा की समय सीमा खत्म होने के बाद भी नहीं जाते। भारतीयों के लिए इस तरह से सीमा नहीं खोली जानी चाहिए। सुएला ने कहा था कि ब्रिटेन में वीज़ा समाप्त होने के बाद सबसे ज़्यादा भारतीय प्रवासी ही रहते हैं। सुएला ने ये भी कहा था कि छात्रों और कारोबारियों के लिए कुछ नरमी बरती जा सकती है।

सुएला ब्रेवरमैन पर आरोप लगा था कि उन्होंने ईमेल के जरिए एक सांसद को सरकारी दस्तावेज भेजे। उन्होंने गोपनीयता का उल्लंघन किया। ब्रेवरमैन ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। हालांकि ट्रस सरकार भी इसके बाद नहीं चल सकी। लिज ट्रस ने अपनी नाकामी स्वीकार करते हुए अपना इस्तीफा सौंप दिया था। सवाल उठ रहा है कि जिस तरह से एक सप्ताह पहले ही मंत्री पद की गोपनीयता का उल्लंघन, नीति, ईमानदारी और प्रोफेशनेलिज्म का हवाला देते हुए सुएला ब्रेवरमैन ने इस्तीफा दिया था या फिर उन्हें हटाया गया था, क्या एक सप्ताह में ही वो सारे सवाल खत्म हो गए हैं। विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने सदन में ये सारे सवाल उठाए हैं।

सुएला भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक हैं। उनके माता पिता 1960 में ब्रिटेन में जाकर बसे थे। उनकी परिवार की जड़ें भारत से ही जुड़ी हुई हैं। हालांकि उनके पिता क्रिस्टी फर्नांडीज मूल रूप से गोवा के रहने वाले थे, वहीं मां उमा तमिल हिंदू परिवार से थीं। सुएला का जन्म लंदन में ही हुआ था। वह ब्रिटिश नागरिक हैं।

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