बाघ टी-110 को भेजा मुकुंदरा

रणथम्भौर से मुकुंदरा बाघ (टाइगर) की शिफ्टिंग गुरुवार को हो गई। आज सुबह वन विभाग की टीम ने टाइगर टी- 110 को बेहोश कर और सड़क मार्ग से मुकुंदरा के लिए रवाना कर दिया। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के डीएफओ संग्राम सिंह ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वन विभाग की टीम टाइगर को बेहोश करने के लिए लगातार उसकी निगरानी कर रही थी। आज सुबह टीम ने टाइगर को फलौदी रेंज के देवपुरा वन चौकी के पास पकड़ कर बेहोश किया।। उसके बाद मेडिकल टीम ने उसके स्वास्थ की जांच की।

इसी दौरान वन विभाग की टीम ने बाघ को रेडियो कॉलर लगाया। फिर सड़क मार्ग से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के लिए रवाना कर दिया गया। इस दौरान नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) के प्रतिनिधि अभिषेक भटनागर, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन के प्रतिनिधि संजीव शर्मा, दौलत सिंह-सदस्य स्टेट बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ, सीसीएफ चीफ कंजर्वेटर ऑफ फारेस्ट रणथंभौर सेडू राम यादव, सीसीएफ मुकुंदरा एस पी सिंह, तथा 4 वेटनरी डाक्टरों की टीम व स्टाफ की मौजूद रहा।

मेल‌ टाइगर टी- 110 की उम्र लगभग छह साल है। यह टी-69 का बेटा है। वह फलौदी रेंज के गाजीपुर आमली के पेरीफेरी में घूम रहा था। इससे पहले रणथम्भौर से हाल ही में एक बाघ को सरिस्का भेजा गया था।

रणथम्भौर टाइगर रिजर्व 77 बाघ-बाघिनों सहित कई जानवरों का घर है। प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व रणथम्भौर के बाघ-बाघिनों से ही गुलजार हैं। टी- 110 को मिलाकर अब तक रणथम्भौर से 18 टाइगर शिफ्ट किए गए हैं। रणथम्भौर से सरिस्का, मुकुंदरा, सज्जनगढ़ और रामगढ़ विषधारी में बाघ भेजे गए हैं। रणथम्भौर से सरिस्का में 10 टाइगर, मुकुंदरा में छह और रामगढ़ विषधारी और सज्जनगढ़ उदयपुर के लिए एक एक बाघ भेजा जा चुका है।

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