अब मंत्री रमेश ने कलक्टर को बाहर निकाला

राजस्थान में नेताओं और अफसरों के बीच तनातनी में आज एक और मामला जुड़ गया। पंचायतराज मंत्री रमेश मीणा ने बीकानेर में एक कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर भगवती प्रसाद कलाल को हॉल से बाहर निकाल दिया। मीणा मंच से भाषण दे रहे थे। उस वक्त कलेक्टर मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे। मीणा इससे नाराज हो गए। उन्होंने कलेक्टर से कहा, आप यहां से जाइये। कलेक्टर बाहर चले गए। बाद में लोगों के बुलाने पर वापस आ गए।

सोमवार सुबह बीकानेर के रवींद्र रंगमंच पर चल रहे कार्यक्रम के दौरान मंत्री मीणा सरकार की योजनाओं के बारे में बोल रहे थे। उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो कलेक्टर मोबाइल फोन पर बात कर रहे थे। मीणा ने कहा- हम सरकार की योजनाओं पर बात कर रहे हैं। आप हमारी बात क्यों नहीं सुन रहे हैं। क्या इस सरकार पर ब्यूरोक्रेट इतने हावी हो गए हैं। इस पर कलेक्टर उठकर जाने लगे। मंत्री ने भी कह दिया- आप यहां से जाइये। कुछ देर बाद ही लोगों ने कलेक्टर को वापस बुला लिया।

बाद में मीणा ने कहा- कलेक्टर के कामकाज की समीक्षा तो मीटिंग में होगी। हम अच्छा या बुरा तो नहीं जानते, लेकिन कैसा काम किया, ये मीटिंग में पता चलेगा। मैं पहली बार इन कलेक्टर से मिला हूं। अभी तो फोन का मसला था, जिस पर उनको कहना पड़ा। मीणा यहां राजीविका योजना के तहत लाभ ले रही महिलाओं से संवाद कर रहे थे। रविंद्र रंगमंच पर करीब 200 महिलाएं आई हुई थीं। मंत्री सरकार की योजनाओं के बारे में बताते हुए महिलाओं से पूछ भी रहे थे कि वो क्या काम कर रही हैं। अब तक उन्हें क्या लाभ हुआ है। मीणा ने बहुत कुछ ब्यूरोक्रेसी पर कहा, लेकिन कलेक्टर ने एक शब्द भी नहीं बोला। वो उठे और हॉल से बाहर निकल गए। बाद में भी कलेक्टर की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में नौकरशाहों के बर्ताव को लेकर अक्सर नेतागण नाराजगी जताते रहते हैं। हाल ही में मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास मुख्यमंत्री से अधिकारियों से खिन्न होकर उनकी एसीआर भरने की मांग कर चुके हैं। इससे पूर्व भैरोंसिंह शेखावत की सरकार के दौरान एक बैठक में सिंचाई मंत्री रहे देवी सिंह भाटी सचिव और आईएएस अधिकारी पीके सिंह देव को थप्पड़ जड़ जड़ चुके हैं। मामले के तूल पकड़ लेने के बाद भाटी को मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। इसी तरह पिछले लोकसभा चुनाव से पहले खेल एवं युवा मामलों के राज्यमंत्री अशोक चांदना के थप्पड़ की गूंज हुई थी। बिजली इंजीनियरों एवं कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान चांदना ने एक एक्सईएन को थप्पड़ जड़ा और गाली-गलौज की। पिछली वसुंधरा राजे सरकार के दौरान विधायक प्रह्लाद गुंजल ने कोटा सीएमएचओ को बुरी तरह धमकाया था। इसके बाद पार्टी ने कन्नी काट ली और वो पांच साल तक मंत्री नहीं बनाए गए।

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