बोरवेल से खौलता, कुएं से निकला चमत्कारी पानी

राजस्थान का भरतपुर जिला इन दिनों पानी को लेकर चर्चा में है। जिले में कहीं बोरवेल से खौलता पानी निकल रहा है, तो एख गांव के सूखे कुए से चमत्कारी पानी बाहर आ रहा है।

जिले के वैर-भुसावर कस्बे के गांव नरहपुर, हरीहर का नगला, सिरस, बरौली, भुसावर आदि में बोरवेल से खौलता हुआ पानी निकल रहा है। जिसे देख हर कोई हैरान है। पानी इतना गर्म है कि इसमें चाय, चावल और अंडा आसानी से पक जा रहा है। हालांकि इस उबलते पानी ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है। फसलों की सिंचाई के लिए यहां के किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

ग्रामीणों ने जब इस पानी की जांच लैब में करवाई तो सामने आया कि जमीन के अंदर सल्फर की परत है। इस वजह से यहां के अधिकांश बोरवेलों से खौलता हुआ पानी निकलता है। किसान बोरवेल से निकले गर्म पानी को होदनुमा कुंड में डालकर ठंडा करने के बाद इससे सिंचाई कर रहे  हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कभी-कभी समय पर सिंचाई नहीं होने से फसलों के उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिक के अनुसार इस क्षेत्र की पृथ्वी के अंदर सल्फर की परत होने की वजह से गर्म पानी का निकलना मुख्य कारण है।

इधर, -जयपुर हाईवे से करीब तीन किलोमीटर अंदर बसे नदबई क्षेत्र के गांव गादौली में एक सूखे कुएं में अचानक पानी आ गया है। इस पानी को भरने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पानी चमत्कारिक है और इससे कई रोग ठीक हो रहे हैं। हालांकि, अचानक आए पानी और ग्रामीणों के दावे पर विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं।

बहरहाल, लोगों में इस कुएं को लेकर गहरी आस्था हो गई है। गांव के मंदिर के सामने बने कुआं की पक्की जगत (मुंडेर) पर लोगों की भीड़ लग रही है। लोग रस्सियों से बाल्टी भर-भर कर पानी निकाल कर उसे बड़े बर्तन में डालते हैं। फिर लोग पानी को बोतल में भरकर घर ले जा रहे हैं। आस-पास के गांवों से पहुंच रहे लोगों का कहना है कि इस पानी को लगाने से मरीज ठीक हो रहे हैं।

गादौली गांव में इनदिनों मेले जैसा महौल है। कुएं पर पानी लेने वालों की होड़ मची हुई है। वहीं, कुएं के पास एक टोली बैठकर गोपालजी महाराज की जय, गंगा मैया की जय के नारे लगा रही है। पास ही गोपालजी के मंदिर में अखंड भजन कीर्तन चल रहा है। भारी तादाद में लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। एक बुजुर्ग ने बताया कि जितना पुराना मंदिर है, उतना ही पुराना यह कुआं है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव का जलस्तर 200 फीट है। उसके बाद भी कुएं का पानी ऊपर आ गया है। दिन भर ग्रामीण कुएं से पानी निकालते हैं तो जलस्तर नीचे चला जाता है। रात में फिर पानी ऊपर आ जाता है। रोजाना करीब 10 टैंकर पानी कुएं से निकाला जा रहा है।

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