कांग्रेस के हारे उम्मीदवारों का हंगामा

कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर रंधावा के सामने आज निर्दलीय और बसपा विधायकों की सीटों पर हारे हुए कांग्रेस उम्मीदवारों ने हंगामा कर दिया। कांग्रेस के हारे हुए विधायक उम्मीदवारों को आज अस्पताल रोड पर कांग्रेस वॉर रूम में फीडबैक के लिए बुलाया गया था। रंधावा और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा वॉर रूम में उऩसे फीउबैक ले रहे हैं। 13 निर्दलीय विधायकों और 6 बसपा मूल के विधायकों वाली सीटों पर हारे कांग्रेस उम्मीदवारों ने आते ही प्रभारी के सामने उनकी अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए हंगामा कर दिया। बड़ी मुश्किल से इन्हें शांत कराया गया।

शाहपुरा से कांग्रेस टिकट पर हारे उम्मीदवार मनीष यादव, नदबई से हिमांशु कटारा, खंडेला से सुभाष मील, बहरोड़ से आरसी यादव सहित हारे हुए पार्टी उम्मीदवारों ने प्रभारी और प्रदेशाध्यक्ष को जमकर खरी खरी सुनाई। उन्होंने कहा- निर्दलीयों ने हर विभाग में लूट मचा रखी है। वे हर बात पर सीएमओ को धमकी देते हैं। उनके सारे काम होते हैं। हमने विपक्ष में रहते हुए भी संघर्ष किया। अब कांग्रेस का राज होते हुए भी हम पीड़ित हैं। जिस कार्यकर्ता ने विपक्ष में रहकर लाठियां खाई, खून पसीना बहाया वो आज राज में भी पीड़ित हैं। आगे पार्टी के साथ कौन खड़ा होगा। निर्दलीयों के तांडव का कांग्रेस को नुकसान होगा।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने भी इन नेताओं के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि 19 विधानसभा क्षेत्रों में हमारे कांग्रेस के उम्मीदवारों की शिकायतों को दूर किया जाना चाहिए। उनकी बात सही है। चुनाव से पहले अब इनके गिले शिकवे दूर करने होंगे।

हारे हुए उम्मीदवारों का कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी पक्ष लिया। उन्होंने कहा कि हम इनके साथ न्याय नहीं कर पाए। इन्हें संगठन में पद नहीं मिले और तवज्जो भी नहीं मिली, लेकिन अब ध्यान रखा जाएगा। 19 विधानसभा क्षेत्रों में हमारे उममीदवारों के साथ हम कुछ नहीं कर पाए।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.