मंहगाई और बढेगी, मार्च में पीक

आमजन को महंगाई का एक और झटका लग सकता है। रिजर्व बैंक के गवर्नर ने चेतावनी दी है कि मार्च तक महंगाई पीक पर पहुंचने की आशंका है। लोगों का लोन भी फिलहाल सस्ता नहीं होगा। क्योंकि रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। लिहाजा कर्जदार की मौजूदा ईएमआई में कोई बदलाव नहीं होगा।

रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई दर (सीपीआई) के वित्तीय वर्ष 2021-22 में 5.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया। चौथी तिमाही में यह 5.7 फीसदी रह सकती है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए सीपीआई इन्फ्लेशन 4.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया है। 2022-23 की पहली तिमाही में महंगाई 4.9फीसदी, दूसरी तिमाही में 5फीसदी, तीसरी तिमाही में 4 फीसदी और चौथी तिमाही में 4.2फीसदी रह सकती है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि मौद्रिक नीति समिति (एणपीसी) की मीटिंग में रेपो और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला हुआ है। लोन की ब्याज दरें तय करने वाला रेपो रेट अभी 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी है। रिजर्व बैंक ने लगातार 10वीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले वर्ष 2020 में केंद्रीय बैंक ने मार्च में 0.75 फीसदी (75 बीपीएस) और मई में 0.40 फीसदी (40 बीपीएस) की कटौती की थी और उसके बाद से रेपो रेट 4 फीसदी के ऐतिहासिक निचले स्तर पर लुढ़क गया था। इसके बाद से अभी तक रिजर्व बैंक ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

बैंक ने ई-रुपी प्रीपेड डिजिटल वाउचर के तहत कैप बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि 10 हजार रुपए की मौजूदा सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपए प्रति वाउचर कर दिया गया है। ई-रुपी मूल रूप से एक डिजिटल प्रीपेड वाउचर है, जो एक ग्राहक को उसके फोन पर एसएमएस या क्यूआर कोड के रूप में मिलता है। कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने ई-रुपी को लॉन्च किया था। ई-रुपी कॉन्टैक्टलेस, कैशलेस वाउचर बेस्ड पेमेंट का तरीका है, जो यूजर्स को कार्ड, डिजिटल भुगतान ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के बिना वाउचर भुनाने में मदद करता है।

ब्याज दरों पर फैसला करने वाली रिजर्व बैंक की एमपीसी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें 3 सरकार के प्रतिनिधि होते हैं और बाकी 3 सदस्य रिजर्व बैंक का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें गवर्नर भी शामिल होते हैं। कमेटी की तीन दिन तक चलने वाली मीटिंग में ही रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट पर फैसला होता है।

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