जैन आरोपी ने खून-खराबा नहीं, गला दबाकर मारा

कोटा में 14 साल की नाबालिग स्टूडेंट की हत्या करने वाले ट्यूटर के मामले में पुलिस ने सोमवार को एक हजार पेज की चार्जशीट पेश की। जांच में सामने आया कि ट्यूशन टीचर गौरव जैन ने नाबालिग की गला घोंटकर हत्या की। उसने चाकू या दूसरे धारदार हथियार से इसलिए नहीं मारा कि खून-खराबा उनके यहां गलत माना जाता है। पूछताछ में गौरव ने यह बात पुलिस को बताई।

गौरव ने पुलिस को बताया कि वह नाबालिग को पसंद करता था। हत्या वाले दिन उसने प्रपोज कर रेप करने की कोशिश की। नाबालिग ने विरोध किया तो आरोपी को लगा कि लड़की घर पर इस घटना की जानकारी दे सकती है। इसलिए उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

हत्या करने के लिए आरोपी ने पहले से ही नाड़े और रस्सियां इकट्ठी कर कमरे में रख ली। वह चाहता तो किसी धारदार हथियार से भी हमला कर लड़की की हत्या कर सकता था। मगर ऐसा इसलिए नहीं किया, क्योंकि उनके यहां खून-खराबा, धारदार हथियार का उपयोग नहीं किया जाता।आरोपी ने बताया कि नाबालिग का गला दबाने के बाद उसे यह डर था कि कहीं बच न जाए। इसलिए उसने नाबालिग के हाथ-पैर बांधे और गले में फंदा बांधकर खिड़की से लटकाया। वह चाहता था कि लड़की किसी भी सूरत में बच न सके।

आरोपी ने पाटन के गामछ में स्कूटी खड़ी कर लड़की का हुलिया बनाया। उसके बाद चेहरे पर स्कार्फ लगाकर कोटा वापस आने के लिए मेन रोड पर लिफ्ट मांगी। इसी दौरान एक रिटायर्ड पटवारी बाइक से गुजर रहा था। उसने गौरव को लड़की समझ लिफ्ट दे दी। रास्ते में वह गौरव को लड़की समझकर इंप्रेस करने की कोशिश करता रहा। पटवारी खुद को अकेला बताकर लड़की बने गौरव को खूबसूरत बता रहा था। जब पुलिस ने गौरव से पूछताछ की तो उसने इस बात की जानकारी दी। पुलिस ने पटवारी को ट्रेस कर जानकारी ली तो उसने लिफ्ट देने की बात स्वीकारी।

पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी है। मामले में 93 गवाह हैं। इनमें छात्र के परिवार वाले, बस वाले, पुलिसकर्मी समेत कई अन्य लोग शामिल हैं।

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