पाबंदियां हटीं, शादियों में उमड़ी भीड़

कोरोना के चलते 2 साल के बाद हो रही शादियों में भीड़भाड़ बढ़ गई है। कोरोना के दौरान शादियों और मेहमानों की संख्या पर कई तरह की पाबंदियां थीं, जो अब हट चुकी हैं। कोविड के बाद शादियों का बड़ा सीजन आया है। राजस्थान में अप्रैल से दिसम्बर 2022 तक शादी के 54 मुहूर्त हैं। इस समय हो रहे सावों में जमकर भीड़ हो रही है। परिवार और कुटुम्ब के लोग, रिश्तेदार, मित्र, परिचित, आसपास रहने वाले, ऑफिस और बिजनेस के साथी उनके परिवार, सोसाइटी में रहने वाले लोगों को शादियों में खुलकर निमंत्रण दिया जा रहा है। 2-2 हजार तक मेहमान बुलाए जा रहे हैं। जहां देखो वहां मैरिज गार्डनों में जीमण के दौर चल रहे हैं।

राजस्थान के प्रमुख शहरों-जोधपुर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर, अजमेर, झुंझुनूं, नागौर, पाली, झालावाड़, भीलवाड़ा, बूंदी, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सवाईमाधोपुर, दौसा आदि शहरों में बैंड-बाजा-बारात की जमकर धूम मची है। प्रदेश में लगभग 13 हजार मैरिज गार्डन दिसम्बर तक बुक हो चुके हैं। करीब 10 हजार होटल और रिसोर्ट्स में से 90 फीसदी की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। शादी उद्योग के आकलन के अनुसार प्रदेश में अप्रैल से दिसम्बर तक शादी के सीजन में 75000 से 1 लाख शादियां होने की उम्मीद है। लिहाजा इस उद्योग का कारोबार 25 फीसदी बढ़कर 20 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

जयपुर शहर में ज्यादातर मैरिज गार्डन फुल चल रहे हैं। कोरोना दौर के पहले के मुकाबले अब शादियों में 3 से 4 गुणा तक भीड़-भाड़ बढ़ी है। पहले सामान्य शादियों में 300 से 500 लोग शामिल होते थे। बड़े स्तर की शादियों में 500 से 1000 लोगों को बुलाया जाता था। मगर अब सामान्य शादियों में ही 1200 से 2000 लोगों की भीड़ जुटाई जा रही है। बड़ी और हाईफाई शादियों में 2000 से 3500 तक मेहमान पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गांव के गांव शादी के जीमण में पहुंच रहे हैं। जहां हजारों लोग शादियों में शरीक हो रहे हैं। ग्रामीण इलाके में ज्यादातर शादियां गर्मियों में ही होती हैं। मार्च-अप्रैल में फसल कटने के बाद किसान के साथ में पैसा आया है। आर्थिक स्थिति कुछ मजबूत है। ऐसे समय में शादी के बड़े आयोजन किए जा रहे हैं।

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