जंग में दिव्यांग उक्रेनियों को लगेंगे जयपुर फुट

रूस-यूक्रेन जंग का सबसे ज्यादा खामियाजा यूक्रेन को उठाना पड़ा है। अब तक वहां हजारों सैनिक और आम नागरिक मारे जा चुके हैं। एक बड़ी तादाद उन लोगों की भी है, जो इस जंग में दिव्यांग हो चुके हैं। किसी के हाथ तो किसी के पैर नहीं हैं। इन लोगों की मदद के लिए जयपुर की विश्व प्रसिद्ध संस्था भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति आगे आई है।

एक न्यूज एजेंसी के अनुसार जयपुर फुट, यूएसए ने फैसला किया है कि वो यूक्रेन में दिव्यांग हुए लोगों की मदद करेगी। इस जंग में यूक्रेन के कई लोग हाथ या पैर गंवा चुके हैं। इनमें सैनिकों के अलावा आम लोग भी शामिल हैं। बुधवार को जयपुर फुट-यूएसए के चेयरमैन प्रेम भंडारी और जॉइंट सेक्रेटरी निशांत गर्ग ने न्यूयॉर्क में यूक्रेन के काउंसिल जनरल ओलेकिसी हुलोबॉव से मुलाकात की।

दोनों ने यूक्रेन-रूस जंग में जरूरतमंदों की मदद कर रहे संगठन कमीशन फॉर इंटरनेशनल अफेयर्स के चेयरमैन एडवर्ड मेर्रेलिस्टन से भी मुलाकात की। इस दौरान ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और इनोवेशन पर चर्चा हुई। न्यूयॉर्क सिटी मेयर ऑफिस के इंटरनेशनल अफेयर्स प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर दिलीप चौहान भी बैठक में मौजूद रहे। मेयर ऑफिस की अफसर सराह फ्रीडमैन ने गर्ग और भंडारी से उनके प्रस्ताव की जानकारी हासिल की।

भंडारी और गर्ग ने इन अफसरों को बताया कि जयपुर फुट जरूरतमंदों की मदद के लिए फ्री कैम्प लगाने की योजना बना रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार यह कैम्प्स यूक्रेन के पड़ोसी देशों में ही लगाए जाएंगे, क्योंकि यूक्रेन पर रूस के हमले जारी हैं। वहां किसी तरह के कैम्प लगाना खतरे से खाली नहीं है। माना जा रहा है कि जयपुर फुट की यूएसए यूनिट इस तरह के कैम्प्स पोलैंड या बल्गारिया में लगा सकती है। इन देशों में यूक्रेन के हजारों रिफ्यूजी भी मौजूद हैं। कुछ सुझाव ऐसे भी आए हैं, जिनमें कहा गया है कि यूक्रेन की सीमा पर इस तरह के कैम्प लगाए जाएं। जयपुर फुट कोहनी, हाथ और पैर के अलावा कई तरह के कृत्रिम शारीरिक अंग तैयार करता है।

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