अटल पेंशन योजना से करदाता बाहर

असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को पेंशन की सुविधा के लिए शुरू की गई अटल पेंशन योजना के नियमों में सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। एक अक्‍टूबर-22 के बाद आयकरदाता  इस योजना में निवेश नहीं कर पाएंगे। इस संबंध में 10 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है।

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) वित्त वर्ष 2015-16 में शुरू की गई थी। यह योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए शुरू की गई थी, जो किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। केवल 6 वर्षों में ही इस योजना ने 4 करोड़ लोगों तक अपनी पहुंच बना ली। 99 लाख तो केवल बीते वित्त वर्ष में इस योजना से जुड़े। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 के अंत तक इस योजना में 4.01 करोड़ लोग निवेश किया था।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वित्त मंत्रालय के अंतगर्त आने वाले वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि जो लोग इनकम टैक्स भरते हैं, वे अटल पेंशन स्कीम के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। वित्त मंत्रालय का नया नियम 1 अक्टूबर, 2022 लागू होगा। एक अक्टूबर को या इसके बाद जो आयकरदाता इस योजना के लिए आवेदन करेगा, खाता खुलवाएगा, उसका खाता बंद कर दिया जाएगा। खाते में जमा पेंशन का पैसा सब्‍सक्राइबर्स को लौटा दिया जाएगा।

अटल पेंशन योजना भारत के नागरिकों के लिए एक पेंशन योजना है, जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए चलाई जाती है। इस योजना के तहत न्यूनतम पेंशन की गारंटी दी जाती है जो 1,000, रु. 2,000, रु. 3,000, रु. 4,000 या 5,000 रुपये तक है। ग्राहक जिस हिसाब से इस खाते में पैसे जमा करते हैं, उस हिसाब से 60 वर्ष की आयु में पेंशन दी जाती है। निवेश की रकम और ग्राहक की उम्र निर्धारित करेगी कि उसे मैच्योरिटी के बाद कितनी पेंशन मिलनी है।

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