ड्रेस सिलाई के कम पैसे, भरपायी करें परेंट्स

राजस्थान में सरकारी स्कूल के बच्चों को मुफ्त ड्रेस और दूध देने का आज से शुरूआत तो हो गई, लेकिन स्कूल ड्रेस सिलाने के लिए सरकार मात्र दो सौ रुपए दे रही है। इसे खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बहुत कम मान रहे हैं। बच्चों को फ्री यूनिफॉर्म और बाल गोपाल योजना का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा- 200 रुपए में स्कूल ड्रेस की सिलाई संभव नहीं है। बच्चों के माता-पिता कुछ खर्चा खुद करें, ताकि छात्रों की यूनिफॉर्म सिल जाए। कुछ लोग घर में भी ड्रेस सिल सकते हैं। टीचर से भी कहूंगा कि वो इसमें मदद करें। अपने जिलों के टेलर्स को इसके लिए तैयार करें, ताकि कम से कम पैसे में बच्चों की ड्रेस सिल सके।

गहलोत ने आज अपने आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में सीएम ने 6 छात्रों को स्कूल ड्रेस भेंट की। इस योजना के तहत राजस्थान के 68 लाख से ज्यादा छात्रों को फ्री स्कूल ड्रेस और दूध दिया जाएगा।

गहलोत ने कहा- हम 2 जोड़ी यूनिफॉर्म की सिलाई के लिए 200 रुपए दे रहे हैं। 200 रुपए में स्कूल ड्रेस की सिलाई संभव नहीं है। अगले शैक्षणिक सत्र तक हम कोशिश करेंगे कि छात्रों को सप्ताह में 3 से 6 दिन तक दूध दिया जाए। हम वित्त प्रबंध कर बच्चों को हर दिन दूध देने की कोशिश करेंगे। हमने इस बार भी छात्रों को रेडिमेड यूनिफॉर्म देने की सोची थी। छात्रों के साइज को लेकर हमारे पास कोई डेटा नहीं था। इसलिए इस बार यूनिफॉर्म का कपड़ा दिया गया। अगली बार हम कोशिश करेंगे कि बच्चों को सिली हुई यूनिफॉर्म दी जाए। इसके लिए हर साइज में यूनिफॉर्म सिलवाई जाएगी।

शिक्षा विभाग प्रदेश के 71,363 सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले 68 लाख से ज्यादा बच्चों को मुफ्त में स्कूल यूनिफॉर्म के दो सेट उपलब्ध कराएगा। यूनिफॉर्म सिलवाने के लिए प्रत्येक स्टूडेंट के खाते में 200 रुपए का भुगतान किया जाएगा। जिन बच्चों का खाता नहीं होगा, उनके परिवार के खाते में रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद आयुक्त मोहन लाल यादव ने बताया कि प्रदेशभर में जिला और ब्लॉक स्तर पर ड्रेस का कपडा पहुंच चुका है। आज से ही छात्रों को वितरित करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस पूरी योजना में अनुमानित 500 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

फ्री यूनिफॉर्म योजना को लागू करने के लिए ब्लॉक स्तर के पीईईओ (ग्रामीण इलाकों में पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी) और यूसीईईओ (शहरी संकुल प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी) के जरिए स्कूलों में यूनिफॉर्म का कपड़ा वितरित किया जाएंगा। ड्रेस उन्हीं बच्चों को मिलेगी, जिन्होंने कक्षा 1 से 8 तक में 30 अगस्त 2022 तक प्रवेश ले लिया है।

आयुक्त यादव ने बताया कि सरकारी स्कूलों में बाल गोपाल योजना के तहत कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले 69 लाख से ज्यादा बच्चों को दूध दिया जाएगा। इसमें कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को 150 मिली लीटर और कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को 200 मिली लीटर मिल्क पाउडर से बना दूध प्रार्थना सभा के बाद दिया जाएगा। यह सुविधा सप्ताह में केवल दो दिन (मंगलवार और शुक्रवार) मिलेगी।

फिलहाल मिड-डे मील योजना के तहत स्कूलों में हर दिन मेन्यू के हिसाब से भोजन मिलता है। सोमवार को सब्जी रोटी, मंगलवार को दाल चावल, बुधवार को दाल रोटी, नमकीन चावल और सब्जी युक्त खिचड़ी, शुक्रवार को दाल रोटी, शनिवार को सब्जी रोटी खिलाई जाती है। इसके अलावा स्टूडेंट्स को सप्ताह में एक दिन मौसमी फल भी खिलाते हैं।

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